समाज में सुनवाई अनिवार्य, ‘सुपर पावर कमेटी’ बनी:छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के 80वें महाधिवेशन में दो कानून पारित

बलौदाबाजार के राज के ग्राम चांपा में छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज का 80वां दो दिवसीय महाधिवेशन संपन्न हुआ। महाधिवेशन में दो नए महत्वपूर्ण कानून ध्वनि मत से पारित किए गए। आयोजन की कमान राज प्रधान सुनीता वर्मा ने संभाली। प्रदेशभर से हजारों समाजजन शामिल हुए। महाधिवेशन के दौरान शिक्षा, कला, प्रतियोगी परीक्षाएं, पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल करने वाली प्रतिभाओं को स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। उद्देश्य नई पीढ़ी को प्रेरित करना तथा बेहतर कार्य के लिए प्रोत्साहित करना रहा। पहला प्रस्ताव ‘सुपर पावर कमेटी उच्च सदन’ के गठन से संबंधित रहा। समिति केंद्रीय अध्यक्ष के अधीन कार्य करेगी। इसमें समाज के वरिष्ठ, अनुभवी पदाधिकारी शामिल रहेंगे। वर्ष में कम से कम एक बैठक अनिवार्य रहेगी। सामाजिक गतिविधियों की समीक्षा और विशेष परिस्थितियों में मार्गदर्शन दिया जाएगा। कार्यकाल स्थायी रहेगा, लक्ष्य दीर्घकालिक हित और संगठनात्मक स्थिरता सुनिश्चित करना है। दांपत्य विवादों के समाधान के लिए नई व्यवस्था दूसरा प्रस्ताव पारिवारिक और दांपत्य विवादों के समाधान से जुड़ा रहा। कोई भी सदस्य सीधे थाना या न्यायालय जाने से पहले राज स्तर पर आवेदन देकर सुनवाई कराएगा। राज स्तर पर समाधान नहीं होने पर केंद्र स्तर पर अपील का अवसर मिलेगा। केंद्र में निराकरण न होने पर ही कानूनी कार्रवाई की स्वतंत्रता रहेगी। प्रावधान में यह भी तय किया गया कि समाज में आवेदन किए बिना सीधे थाना या न्यायालय जाने वाले व्यक्ति तथा उसके परिवार को समाज की मुख्यधारा से अलग रखा जाएगा। यह प्रस्ताव राज प्रधान सुनीता वर्मा ने प्रस्तुत किया, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकृति मिली। केंद्रीय अध्यक्ष का संदेश केंद्रीय अध्यक्ष खोडस राम कश्यप ने कहा कि समाज की एकजुटता सबसे बड़ी ताकत है। नए कानूनों का उद्देश्य किसी की स्वतंत्रता सीमित करना नहीं, बल्कि परिवार और समाज को टूटने से बचाना है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, अनुशासन, सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की अपील की। राज प्रधान का आभार, अगला आयोजन 2027 में राज प्रधान सुनीता वर्मा ने महाधिवेशन की सफलता पर समाजजनों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी सहभागिता समाज की एकता का प्रमाण है। दो दिवसीय महाधिवेशन का समापन सामाजिक गौरव सम्मान, संगठनात्मक मजबूती, अनुशासन के नए संकल्प के साथ हुआ। अगला महाधिवेशन धरसीवां राज में वर्ष 2027 में आयोजित होगा।

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