झारखंड में एयर एंबुलेंस क्रैश मामला:6 माह पहले कैप्टन के पद पर हुआ था प्रमोशन, दोस्त की सगाई में 27 को आने वाले थे घर

रांची से दिल्ली जा रही एयर एंबुलेंस सोमवार शाम चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के कसियातु जंगल में क्रैश हो गई। इसमें सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई। मृतकों में पायलट कैप्टन विवेक भगत (26) की भी जान चली गई। विवेक मूल रूप से लातेहार थाना क्षेत्र के आरागुंडी पंचायत के पांडुका गांव के रहने वाले थे। उनका रांची में भी आवास है। वहीं, 6 माह पहले ही कैप्टन के पद पर विवेक का प्रमोशन हुआ था। उनके बचपन के दोस्त उदय नारायण की लातेहार में सगाई है। इसी में हिस्सा लेने के लिए विवेक 27 फरवरी को पैतृक घर आने वाले थे। उन्होंने एक मार्च तक की छुट्‌टी भी अप्लाई कर रखी थी। साउथ अफ्रीका में पायलट का प्रशिक्षण लिया था विवेक भगत की प्रारंभिक शिक्षा रांची के सन थॉमस में हुई। उसके बाद विशाखापट्टनम चैनल चैतन्य अकेडमी से प्लस टू (साइंस) से पढ़ाई की। पहले पायलट की ट्रेनिंग कानपुर में ली। इसके बाद 2 महीने के लिए साउथ अफ्रीका में जाकर अपना पायलट का प्रशिक्षण पूरा किया। वर्ष 2022 में रेड बर्ड प्राइवेट कंपनी जॉइन किया था। विवेक के दोस्त उदय नारायण ने बताया कि उन्हें अपने गांव से काफी लगाव था। जब भी समय मिलता, दोस्तों के साथ समय बिताने गांव आ जाते थे। विवेक की सारी शिक्षा दीक्षा रांची से ही हुई थी। विवेक की एक छोटी बहन अनु अभिलाषा भगत है, जो त्रिपुरा में मेडिकल की पढ़ाई कर रही है। रात साढ़े 11 बजे न्यूज से पता चला हादसे के बारे में: दोस्त उदय नारायण ने बताया कि विवेक मेरे साथ बचपन से रहा है। हमलोगों ने एक साथ पढ़ाई की। सोमवार की रात साढ़े 11 बजे मुझे न्यूज से पता चला कि विवेक के साथ हादसा हुआ है। कुछ दोस्तों ने हैदराबाद से कॉल किया और विवेक के बारे में पूछताछ की। मैंने रात 1 बजे विवेक की बहन से बात की पर उसे भी कुछ पता नहीं था। मैंने भी उसे कुछ नहीं बताया कि कहीं वो घबरा ना जाए। सुबह मेरी विवेक के पिता से बात हुई तो उन्होंने भावुक होते हुए बताया कि वो हमें छोड़कर चला गया। इसके बाद मैंने बाकी लोगों को कंफर्म किया कि न्यूज सही है। 1 मार्च तक के लिए ले रखी थी छुट्‌टी
उदय नारायण के अनुसार, उनकी विवेक से मेरी अंतिम बात रविवार को हुई थी। मेरी सगाई 1 मार्च होने वाली है और उसी संबंध में उससे बात की थी। विवेक काफी खुश थे और वो सगाई में शामिल होने के लिए 27 फरवरी को लातेहार आने वाले थे। उन्होंने 1 मार्च तक के लिए छुट्‌टी अप्लाई कर रखी थी। पिता और तीन चाचा, सभी जॉब में
विवेक भगत के पिता देवसहाय भगत आरईओ विभाग, चतरा के कार्यपालक अभियंता है। उनके तीन चाचा है। जो सभी नौकरी में हैं। सबसे बड़े देव सहायक भगत हैं। उनके बाद अनिल भगत रेलवे में इंजीनियर हैं। विनोद भगत जो खूंटी में टीचर हैं और प्रदीप भगत भुरकुंडा में माइनिंग इंजीनियर है। पूर्व मंत्री पहुंचे पैतृक गांव
इधर, घटना की सूचना मिलते ही पूर्व मंत्री वैद्यनाथ राम विवेक के पैतृक गांव पहुंचे और उनके परिजनों से मामले की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि घटना काफी दुखद है। उन्होंने बताया कि पायलट के पूरा परिवार शिक्षित है। सुदूर वर्ती इलाके में रहकर भी अच्छी शिक्षा हासिल कर अपने गांव का नाम रोशन किया है। ——————————– ये भी खबर पढ़िए 8 लाख जुटाकर एयर एंबुलेंस बुक की, क्रैश में मौत:बर्न मरीज को लेकर रांची से दिल्ली जा रहे थे, पेशेंट-पायलट समेत 7 की गई जान रांची से दिल्ली जा रही एयर एंबुलेंस सोमवार शाम चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के कसियातु जंगल में क्रैश हो गई। इसमें सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई। मृतकों में दो पायलट (कैप्टन विवेक, कैप्टन सबराजदीप), मरीज संजय कुमार, उनकी पत्नी अर्चना देवी, भांजा ध्रुव कुमार, डॉ. विकास कुमार गुप्ता, एक पैरामेडिक सचिन कुमार मिश्रा शामिल थे। संजय कुमार के बड़े भाई विजय कुमार ने बताया, ‘संजय शॉर्ट सर्किट से लगी आग से 65 फीसदी झुलस गए थे। रांची के हॉस्पिटल ने दिल्ली रेफर किया था, लेकिन सीरियस कंडिशन के कारण सड़क के रास्ते नहीं ले जा सकते थे। पढ़िए पूरी खबर…

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