एमिटी जयपुर के दीक्षांत समारोह में 1000 छात्रों को डिग्रियां:तीन दिग्गजों को मिली डॉक्टरेट की मानद उपाधि, फ्रांसीसी लेखक को मिली मानद प्रोफेसरशिप

एमिटी यूनिवर्सिटी जयपुर का 14वां दीक्षांत समारोह मंगलवार को आयोजित किया गया। समारोह की शुरुआत चांसलर डॉ. असीम चौहान के सम्मान में गार्ड ऑफ ऑनर से हुई। इस अवसर पर 1000 विद्यार्थियों को स्नातक और स्नातकोत्तर की डिग्रियां प्रदान की गईं। डॉ. चौहान ने विद्यार्थियों को नैतिक मूल्यों का पालन करने के लिए प्रेरित किया। वाइस चांसलर प्रो. अमित जैन ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और शोध उपलब्धियों का विवरण प्रस्तुत किया। समारोह में तीन प्रमुख हस्तियों को डॉक्ट्रेट की मानद उपाधि दी गई। जीवीके ग्रुप के वाइस चैयरमैन जी.वी. संजय रेड्डी, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव डॉ. एम. रविचंद्रन और आईआईटी कानपुर के प्रो. संदीप वर्मा को यह सम्मान मिला। प्रसिद्ध फ्रांसीसी लेखक एरी गौटियर को मानद प्रोफेसरशिप प्रदान की गई। रेड्डी ने सफलता का मंत्र ‘लिव, लव और लाफ’ साझा किया। डॉ. रविचंद्रन ने गगनयान और मिशन मौसम जैसी वैज्ञानिक पहलों पर प्रकाश डाला। प्रो. वर्मा ने स्नातकों को नवाचार और बेहतर भविष्य निर्माण के लिए प्रेरित किया। उन्होंने टेलीमेडिसिन और टेलीहेल्थ में परिवर्तनकारी विकास पर भी प्रकाश डाला, स्वास्थ्य सेवा की खाई को पाटने और सभी के लिए पहुंच बढ़ाने में उनकी भूमिका पर जोर दिया। अतिथियों ने विद्यार्थियों से कहा कि वे उपाधि प्राप्त करने के बाद देश और अपने माता-पिता का नाम रोशन करें और राष्ट्र के निर्माण में सहयोग करें। प्रो वाइस चांसलर प्रोफेसर जी. के. आसेरी ने स्नातक करने वाले छात्रों को अपनी शुभकामनाएं दीं। समारोह में मानव और पारंपरिक मूल्यों में उत्कृष्टता के लिए श्री बलजीत शास्त्री पुरस्कार और होनहार छात्रों को प्रतिष्ठित डॉ. अशोक के. चौहान छात्रवृत्ति भी प्रदान की गई। एमिटी यूनिवर्सिटी राजस्थान के रजिस्ट्रार डॉ. नितिन भारद्वाज ने बताया कि स्नातक, स्नातकोत्तर में 1001 छात्रों को डिग्री प्रदान की गई। समारोह में 37 स्वर्ण पदक, 28 रजत पदक, 7 कांस्य पदक, 75 साल्वर्स और प्रतिष्ठित बेस्ट ऑल-राउंड स्टूडेंट ट्रॉफी के साथ मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया। दीक्षांत समारोह में सभी छात्र-छात्राएं पारंपरिक भारतीय वेशभूषा में नजर आए। दीक्षांत समारोह का एक भावनात्मक और प्रेरक क्षण पूर्व छात्र ध्वज सौंपने का समारोह था, जो एमिटी की विरासत को जारी रखने का प्रतीक था।

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