मोगा पुलिस ने जीरा रोड पर प्रवासी मजदूरों पर गोली चलाने के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस गैंग के कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिनमें दो जम्मू-कश्मीर और एक हरियाणा के यमुनानगर से पकड़े गए हैं। आरोपियों के कब्जे से दो पिस्तौल और दो जिंदा हैंड ग्रेनेड भी बरामद किए गए हैं। बता दे कि यह कार्रवाई पंजाब में चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन प्रहार” के तहत की गई।डीआईजी नीलांबरी जगदले ने मीडिया को संबोधित करते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस सफलता की जानकारी दी। पंजाब के डीजीपी के निर्देशों तथा आईजी फरीदकोट रेंज और एसएसपी मोगा की निगरानी में मोगा पुलिस ने यह बड़ी कार्रवाई की।
प्रवासी मजदूरों पर हुई थी गोलीबारी गौरतलब है कि 10 फरवरी को मोगा के जीरा रोड पर काम से लौट रहे दो प्रवासी मजदूरों पर मोटरसाइकिल सवार युवकों ने गोलीबारी की थी। इस मामले में थाना सदर मोगा में हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया गया था। भारी मात्रा में हथियार बरामद जांच के दौरान, पुलिस ने मुख्य आरोपी अकासदीप सिंह, जॉबनप्रीत सिंह और शाहवीर सिंह सहित कई साथियों को गिरफ्तार किया। इन गिरफ्तारियों में जम्मू-कश्मीर और हरियाणा के यमुनानगर से भी आरोपी शामिल हैं। आरोपियों के कब्जे से .30 बोर की दो देसी पिस्तौल, मैगजीन, जिंदा कारतूस और चार खाली खोल बरामद हुए। दो हैंड ग्रेनेड भी हुए बरामद सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपियों की निशानदेही पर गांव के पास नहर किनारे छिपाकर रखे गए दो हैंड ग्रेनेड भी मिले। मौके पर बम निरोधक दस्ते को बुलाकर इन ग्रेनेडों को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय किया गया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने के लिए गोला-बारूद जम्मू-कश्मीर से उपलब्ध कराया गया था।


