गुरदासपुर के सीमावर्ती गांव आदियां में 22 फरवरी की रात को पुलिस चौकी पर हुए हमले में जान गंवाने वाले पुलिस कर्मियों का उनके पैतृक गांव में आज अंति संस्कार कर दिया गया। आज उनकी अंतिम यात्रा में पुलिस के अधिकारियों के अलावा भारी संख्या में जन समुदाय उमड़ा। हमलावरों ने चौकी में तैनात होमगार्ड जवान अशोक कुमार और पंजाब पुलिस के एएसआई गुरनाम सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनके परिजनों का कहना है कि आरोपियों ने धोखे से हमला किया। अगर मुकाबला होता तो नजारा कुछ और होता हमलावरों को मिलेगी कड़ी सजा, डीजीपी अर्पित शुक्ला एएसआई गुरनाम सिंह का आज उनके पैतृक गांव गादड़ी में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दुखद अवसर पर विशेष डीजीपी अर्पित शुक्ला, एडीजीपी एएस राय, डीआईजी संदीप गोयल और एसएसपी गुरदासपुर आदित्य परिवार के साथ दुख साझा करने पहुंचे। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि इस घटना को अंजाम देने वाले आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी। मीडिया से बात करते हुए, विशेष डीजीपी अर्पित शुक्ला ने बताया कि पुलिस इस घटना की जांच विभिन्न कोणों से कर रही है। उन्होंने कहा कि कुछ सबूत हाथ लगे हैं और आरोपी जल्द ही पुलिस की गिरफ्त में होंगे। खुफिया सूचना नहीं थी डीजीपी शुक्ला ने यह भी बताया कि उन्हें इस विशेष घटना के बारे में कोई खास खुफिया जानकारी नहीं थी, लेकिन यह पूरा क्षेत्र सीमावर्ती होने के कारण हमेशा रेड अलर्ट पर रहता है। बीएसएफ भी उनके साथ ऑपरेशन में रहती है। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार ने उन्हें 40 करोड़ रुपये दिए हैं, जिसमें से 20 करोड़ रुपये कैमरों की स्थापना पर खर्च किए जाएंगे और कुछ वाहन खरीदे जाएंगे। बेटी बोली- अगर मुकाबला होता तो हमलावर वापस नहीं जाते शहीद एएसआई गुरनाम सिंह की बेटी मनदीप कौर, जो अपने पिता के अंतिम संस्कार के लिए विदेश से आई थीं, ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि उनके पिता पर धोखे से हमला किया गया है। यदि हमलावरों का मुकाबला होता, तो वे वापस नहीं जा पाते। मनदीप कौर ने कहा कि उन्हें अपने पिता पर गर्व है, जिन्होंने देश के लिए कुर्बानी दी है। PHOTOS – मां और बेटी ने दी सलामी


