टोंक| पिछले दिनों जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के काम से नगर परिषद में गए कलेक्टर के वाहन चालक व उसके साथियों से वहां कार्यरत कनिष्ठ सहायक चन्द्रप्रकाश ने अभद्र व्यवहार किया। उनपर आरोप है कि कािर्मक ने उनको ऑफिस से बाहर निकाल दिया। शिकायत पर एडीएम ने जांच की और शिकायत सही पाए जाने के बाद सोमवार को कलेक्टर ने कर्मचारी को निलंबित कर दिया। कलेक्टर के आदेश से जारी पत्र में चन्द्रप्रकाश को निलंबन काल में मुख्यालय कलेक्ट्रेट रखा गया है। अभद्र व्यवहार से जुड़ा प्रकरण करीब एक सप्ताह पुराना बताया जा रहा है। कलेक्टर को शिकायत करने बाद इसकी जांच एडीएम रामरतन सौंकरिया को सौंपी गई। एडीएम ने दोनों पक्षों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान लिए। जिसमें कनिष्ठ सहायक को दोषी पाया गया। एडीएम की रिपोर्ट पर कलेक्टर ने यह कार्रवाई की है। टोंक नगर परिषद में इन दिनों सबकुछ उल्टा चल रहा है। पिछले माह नगर परिषद आयुक्त का तबादला होने के बाद यहां सचिव पद पर लगाए गए ऋषिदेव ओला ज्वाइन करने आने के दिन (17 जनवरी को) अपनी सहयोगी कार्मिक से मोबाइल फोन पर अभद्र आचरण कर उसका उत्पीड़न करने के दोषी पाए गए, जिन्हें बाद में स्थानीय निकाय निदेशक ने उन्हें निलिम्बित कर दिया था। एडीएम रामरतन सौंकरिया ने बताया कि नगर परिषद के कार्मिक के अभद्र व्यवहार की शिकायत मिली थी। जिसकी जांच कर रिपोर्ट दे दी थी। उसे निलंबित किया है। नगर परिषद में अपने काम के संबंध में आने वालों से दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं होगा। भविष्य में किसी कर्मचारी की शिकायत आती है, तो कार्रवाई होगी।


