अदालत के आदेश अब जरूरतमंद मरीजों के इलाज का सहारा बन रहे हैं। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा डिफॉल्टर पक्षों पर लगाए गए जुर्माने और लागत की राशि को पीजीआई के पुअर पेशेंट वेलफेयर फंड (PPWF) में जमा कराने से इस कोष में 179% की रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। दो साल में फंड में बड़ा इजाफा आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2023–24 में पुअर पेशेंट वेलफेयर फंड में 89 लाख 50 हजार 46 रुपए जमा हुए थे। इसके बाद वित्त वर्ष 2024–25 में यह राशि बढ़कर 2 करोड़ 49 लाख 58 हजार 440 रुपए हो गई। वहीं 1 अप्रैल 2025 से 31 जनवरी 2026 तक ही 2 करोड़ 6 लाख 91 हजार 689 रुपए जमा हो चुके हैं। इस तरह सिर्फ दो साल में फंड की राशि लगभग तीन गुना हो गई है, जिससे जरूरतमंद मरीजों को सीधे आर्थिक राहत मिल रही है। पीजीआई के डायरेक्टर विवेक लाल ने हाईकोर्ट का आभार जताते हुए कहा, “हम पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आभारी हैं। डिफॉल्टर पक्षों पर लगाए गए जुर्माने को गरीब मरीजों के इलाज के लिए निर्देशित करना एक सराहनीय कदम है। अब हर न्यायिक आदेश किसी जरूरतमंद परिवार के लिए इलाज, राहत और नई उम्मीद में बदल रहा है।” उन्होंने बताया कि कोविड-19 महामारी के दौरान भी हाईकोर्ट के हस्तक्षेप से स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में मदद मिली थी। गंभीर बीमारियों के इलाज में मदद फंड में आई बढ़ोतरी से कैंसर, हृदय रोग, न्यूरोसर्जरी, किडनी और ट्रॉमा जैसे गंभीर मामलों में जरूरतमंद मरीजों को समय पर आर्थिक सहायता मिल रही है। कई बार इलाज में देरी जानलेवा साबित हो सकती है, ऐसे में यह कोष जीवनरक्षक साबित हो रहा है। पुअर पेशेंट वेलफेयर फंड का संचालन पारदर्शी और तय प्रक्रिया के तहत किया जाता है, ताकि सही मरीजों तक समय पर सहायता पहुंच सके।


