भास्कर न्यूज | दंतेवाड़ा वनों की सुरक्षा एवं किसान वृक्ष मित्र योजना पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला के दौरान ग्रामीणों को वनों को आग से बचाने एवं किसान वृक्ष मित्र योजना के संबंध में जानकारी दी गई। कार्यशाला के दौरान विभिन्न ग्राम से आए फायर वाचकों एवं जनप्रतिनिधियों ने भी वनों को आग से बचाने अपने-अपने सुझाव दिए। आग की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए सीसीएफ ने विभिन्न अधिकारी-कर्मचारियों की सराहना की। साथ ही वनों को आग से होने वाले नुकसान जैसे छोटे पौधों का जलना, विभिन्न उपयोगी फसलों को नुकसान, महुआ, हर्रा, बहेड़ा, चिरौंजी, आंवला, आम, तेंदूपत्ता जैसे बस्तर की जीवन रेखा कहे जाने वाले पौधों से होने वाले आर्थिक नुकसान का आंकलन करने कहा। नकुलनार के उप वन क्षेत्रपाल ललित कश्यप ने उनके क्षेत्र में आग की घटनाओं पर काबू पाने के विशेष कारण से कार्यशाला को अवगत कराया। सीसीएफ दुग्गा ने आग की घटना से सबसे ज्यादा प्रभावित स्थान का जिक्र किया। जिसमें कोंडागांव एवं तोकापाल का उदाहरण देते हुए बताया कि जंगल में आग की घटनाओं के चलते कोंडागांव के पहाड़ एवं जंगल पूरी तरह झुलस गए। साथ ही पहाड़ों से पेड़-पौधे खत्म होने से बारिश के दौरान पहाड़ की मिट्टी बहकर जमीन की सतह में आ गई और क्षेत्र की बहुत सारी खेत और फसल बर्बाद हो गई।


