चूरू के हरपालसर गांव में चल रही भागवत कथा के चौथे दिन मंगलवार को बाल संत भोले बाबा ने गोहत्या और भ्रूण हत्या जैसे सामाजिक मुद्दों पर चिंता व्यक्त की। इस कथा का आयोजन पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ की सहभागिता से किया जा रहा है। भोले बाबा ने अपने प्रवचन में कहा कि गाय में हमारी संस्कृति का वास है और यह एक चलता-फिरता मंदिर है। उन्होंने इस बात पर दुख जताया कि देश में आज भी गोहत्या हो रही है। उन्होंने गोहत्या और भ्रूण हत्या को देश के दो बड़े कलंक बताते हुए इन पर सख्ती से रोक लगाने की आवश्यकता पर बल दिया। मंगलवार को उन्होंने सती चरित्र और ध्रुव चरित्र की कथा भी सुनाई। कथा में उपस्थित पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि भागवत कथा ज्ञान यज्ञ हमें धर्म, आस्था, संयम और संस्कारों का संदेश देता है। उन्होंने ऐसे आयोजनों को समाज में नैतिक मूल्यों की स्थापना और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री राजकुमार रिणवां, सरदारशहर विधायक अनिल शर्मा, पूर्व विधायक अभिनेष महर्षि, समाजसेवी विकास मालू, पूर्व सभापति विजय शर्मा, विक्रम कोटवाद, पदमसिंह राठौड़ और पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मवीर पुजारी सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।


