भास्कर न्यूज | जालंधर यीशु दी बल्ले बल्ले…, असीं येसु दे बंदे हां आजाद परिंदे हां नफरत दे बदले बस प्यार ही दिंदे हां… ये गीत सुनकर हर कोई आनंद विभोर हुआ। प्रभु यीशु की प्रतिमा पर लगातार हो रही फूलों की वर्षा से हर तरफ खुशी का माहौल रहा। मौका था दी चर्च ऑफ ग्लोरी एंड विंसडम ताजपुर से क्रिसमस पर्व के उपलक्ष्य में मंगलवार को प्रोफेट बजिंदर सिंह मिनिस्ट्री के देखरेख में निकाली गई भव्य शोभायात्रा का। इंसानी जीवन को सुखद बनाने वाले प्रेम, मदद, करुणा का संदेश देते हुए लोग बड़ी संख्या में शोभायात्रा में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरूआत पास्टर्स ने प्रार्थना करके कार्यक्रम शुरूआत की। प्रार्थना के बाद भक्तों ने प्रभु यीशु के भजनों का गुणगान किया। शोभायात्रा में प्रभु यीशु जी के जन्म से संबंधित सुंदर झांकियां ट्रालियों में सजाई गई। इसाई समाज के लोग लगभग 50 से अधिक रथों पर स्वार होकर शोभायात्रा में शामिल हुए। भक्तों ने यीशु तूं है जिंदगी तूं हैं बंदगी…, प्रभु यीशु मसीह अपने भक्तों से प्यार करता हैं… व अन्य भजन सुकर भक्तों झूमने पर विवश किया। पास्टर्स ने कहा कि हमें अपने जीवन में प्रभु यीशु की शिक्षाओं को अमल में लाना चाहिए। हम सभी को अपने प्रभु को सच्चे मन से श्रद्धा के फूल भेंट करते हुए अपने बच्चों को उनकी शिक्षाओं के साथ जुड़ने की प्रेरणा देनी चाहिए। ताकि वे भी सफल कर सकें। शोभायात्रा ताजपुर से चलकर नकोदर रोड, वडाला चौक, श्री गुरु रविदास चौक, डॉ. बीआर अंबेडकर चौक से होते हुए वापिस गिरजाघर में संपन्न हुई। पूरे रास्ते भक्तों ने प्रभु यीशु के भजनों पर नृत्य करते हुए यात्रा निकाली। लोगों ने शोभायात्रा का स्वागत करने के लिए पुष्प वर्षा की। समाज सेवकों ने शोभायात्रा के दौरान अलग-अलग व्यंजनों का लंगर बांटा.


