छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने साय सरकार का तीसरा बजट पेश किया। इस बजट पर मिलीजुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। सत्तारूढ़ दल के विधायकों और नेताओं ने इसे विकासोन्मुखी बताया है, जबकि कांग्रेस ने इसे कागजी और जुमलेबाजी करार दिया है। कर्मचारियों ने बजट प्रस्तावों का स्वागत किया है, वहीं हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने एकमुश्त आवंटन न होने पर निराशा व्यक्त की है। पूर्व वित्त मंत्री और वर्तमान नगर विधायक अमर अग्रवाल ने 1.72 लाख करोड़ के राज्य के बजट को छत्तीसगढ़ के आधुनिक विजन का बजट बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रस्तुत यह तीसरा बजट “संकल्प” थीम पर आधारित है। इसमें किसानों, युवाओं, महिलाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना पर विशेष ध्यान दिया गया है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि “संकल्प” थीम पर आधारित यह बजट दर्शाता है कि सरकार केवल नीतियां बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि 1.72 लाख करोड़ का यह बजट पिछले साल से लगभग 10 प्रतिशत अधिक है। इसमें भाजपा सरकार ने हर वर्ग के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। जनता को राहत देते हुए किसानों को ब्याज मुक्त कर्ज देने और बच्चियों को 18 साल पूरे होने पर 1.5 लाख रुपए देने का प्रावधान किया गया है। संकल्प केवल नारा, कांग्रेस आवाज उठाती रहेगी: अटल कोटा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव ने कहा है कि बजट में ग्रामीण बेरोजगारी पर स्पष्ट रोडमैप का अभाव है। वहीं आदिवासी बहुल क्षेत्रों के लिए समयबद्ध कार्ययोजना नहीं है और सामाजिक न्याय के प्रावधानों के क्रियान्वयन पर स्पष्टता का अभाव है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी जनता के हितों की आवाज उठाती रहेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि संकल्प केवल नारा न बनकर जमीनी विकास में परिवर्तित हो। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि बजट को पुनः प्राथमिकता निर्धारण के साथ ग्रामीण, ST, SC एवं OBC केंद्रित बनाया जाए, ताकि विकास वास्तव में समावेशी और न्यायसंगत हो सके। उन्होंने कहा कि बजट में कई घोषणाएँ स्वागतयोग्य हैं, किन्तु इसकी दिशा और प्राथमिकताओं को और अधिक ग्रामीण तथा सामाजिक न्याय केंद्रित बनाने की आवश्यकता है। राज्य को समृद्ध बनाने वाला दस्तावेज:सवन्नी क्रेडा के अध्यक्ष भूपेन्द्र सवन्नी ने बजट का स्वागत करते हुए इसे छत्तीसगढ़ की जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप, दूरदर्शी और राज्य को समृद्ध बनाने वाला ऐतिहासिक दस्तावेज बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट समावेशी विकास, क्षेत्रीय संतुलन, मजबूत आधारभूत संरचना, मानव संसाधन विकास, अंतिम छोर तक सेवाओं की उपलब्धता के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ’गारंटी’ को पूरा करने और छत्तीसगढ़ को 2047 तक ’विकसित राज्य’ बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम है। उन्होंने कहा कि यह बजट’ज्ञान’ और ’गति का संगम’ और ’विकसित छत्तीसगढ़’ का आधारस्तम्भ है। युवाओं के लिए बड़ी अहम घोषणाएं: दीपक सिंह भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक सिंह ने कहा कि बजट में युवाओं के कौशल विकास, स्वरोजगार और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के उन्नयन पर जोर दिया गया है। ’अटल निर्माण वर्ष’ के तहत बुनियादी ढांचे में निवेश से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। वहीं ’महतारी वंदन योजना’ के सफल क्रियान्वयन के साथ-साथ महिलाओं के स्वरोजगार और लखपति दीदी योजना को नई गति देना महिला सशक्तिकरण का प्रत्यक्ष प्रमाण है। सर्वहारा समाज को खास त्वज्जो : रौशन सिंह भाजयुमो के प्रदेश कार्य समिति सदस्य रौशन सिंह ने कहा है कि राज्य के बजट में प्रदेश के युवा,किसान, सर्वहारा समाज आम जनता का खास ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि इस बजट में विभिन्न घोषणाओं से मध्यम वर्ग सहित प्रदेश के करोड़ों नागरिक लाभान्वित होंगे एवं प्रदेश विकास के नए आयाम के साथ आगे बढ़ेगा। बिलासपुर को मिलीं कई सौगातें: महर्षि भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष महर्षि बाजपेयी ने कहा की यह बजट छत्तीसगढ़ को नई उचाईयों तक पहुंचाने वाला बजट है । इसमें बिलासपुर के एयरपोर्ट को भी वायु योजना से जोड़ा गया है जिससे जल्द ही नई उड़ानें बिलासा देवी एयरपोर्ट से प्रारंभ होगी, अच्छी शिक्षा के लिए छत्तीसगढ़ आईटी,नये फोरलेन फ्लाईओवर, युवाओं के लिये एजुकेशन हब सहित सौगातें बिलासपुर को मिली हैं। राज्य को पीछे धकेलने वाला बजट: सिध्दांशु बिलासपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने राज्य के बजट प्रावधानों की तीखी आलोचना करते हुए इसे निराशाजनक और छत्तीसगढ़ को और पीछे ले जाने वाला बजट निरूपित किया है। उन्होंने कहा कि इसमें खेतिहर किसान, मजदूर के साथ साथ शहर के मध्यम वर्ग के लोगों के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि एक तरफ जहां दूसरे प्रदेश अपनी प्रमुख शहरों को मेट्रो सिटीज से जोड़ने एयरपोर्ट का विस्तार कर रहे हैं वही बिलासपुर एयरपोर्ट में फ्लाइट कम करके उसे बंद करने की ओर सरकार कदम बढ़ाती दिख रही है। झुनझुना, जुमले तक सीमित: गंगोत्री जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री ने कहा कि वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बजट में 2047 तक छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने का जो सपना दिखाया है वह जुमला है क्योंकि इसमें न तो युवाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं और न ही किसानों को उनके उपज का उचित मूल्य। उन्होंने कहा कि मजदूरों को उनके मजदूरी का उचित रोजी नहीं दिया जा रहा है तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का कोई भी ठोस काम इसमें नहीं दिख रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट प्रदेश को विकसित करने का यह सिर्फ एक झुनझुना, जुमले तक सिमट कर रह गया है। जन संघर्ष समिति ने निराशा जताई हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति के सुदीप श्रीवास्तव ने राज्य के बजट में बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट को 4c एयरपोर्ट में बदलने के लिए एक मुश्त आवंटन न मिलने और कोई ठोस घोषणा न होने पर निराशा व्यक्त की है। समिति के मुताबिक जो 90 करोड़ रुपए वायु प्रोत्साहन योजना के तहत बिलासपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर एयरपोर्ट के लिए आवंटित हुए हैं। वह वस्तुतः इन शहरों से चलने वाली उड़ानों में यात्री कम होने पर सब्सिडी देने की गारंटी के लिए हैं। घोषित राशि का अधिकाश लाभ बिलासपुर की बजाय अन्य शहरों को होने की आशंका उन्होंने जताई। कर्मियों ने किया कैशलेस चिकित्सा का स्वागत छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने कर्मचारियों को चिंता मुक्त स्वास्थ्य सुविधा देने हेतु कैशलेस चिकित्सा का लाभ बजट में देने का स्वागत किया है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के प्रति आभार जताते कहा कि मोदी की गारंटी के तहत क्रमोन्नति/समयमान के लिए निर्धारित 10 वर्ष की सेवा को एक बार (वन टाइम रिलैक्सेशन) शिथिल करते हुए 5 वर्ष करने की शिक्षकों की उम्मीद पूरी नहीं हुई है।


