भगत की कोठी यार्ड: नॉन इंटरलॉकिंग काम पूरा, ट्रेनें बहाल:तीन नई स्टेबल लाइनों से खत्म होगी प्लेटफार्म व्यस्तता की समस्या, इलेक्ट्रिक लोको मेंटेनेंस भी होगा

जोधपुर के भगत की कोठी रेलवे यार्ड में बहुद्देश्यीय नॉन इंटरलॉकिंग का काम पूरा करवाने के साथ ही रेल प्रशासन ने जोधपुर मंडल से चलने और गुजरने वाली सभी ट्रेनों का संचालन बहाल कर दिया है। नॉन इंटरलॉकिंग काम के कारण जोधपुर मंडल पर 22 से 25 फरवरी तक ब्लॉक के चलते कुल 74 ट्रेनें रद्द, आंशिक रद्द व मार्ग से संचालित की गई थी। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर डीआरएम पंकज कुमार सिंह ने बताया- भगत की कोठी यार्ड में इलेक्ट्रिक लोको ट्रिप शेड और शंटिंग नेक के प्रावधान के साथ-साथ जोधपुर से भगत की कोठी स्टेशनों के बीच बिछाई गई तीन नई स्टेबलिंग लाइनों को भी चालू कर दिया गया है। इन नई स्टेबलिंग लाइनों के निर्माण से अब जोधपुर रेलवे स्टेशन पर लंबे समय से ली आ रही प्लेटफार्म के व्यस्त रहने की समस्या से भी निजात मिलेगी। इससे आने वाली ट्रेनों को आसपास के स्टेशनों पर खड़ा नहीं रखना पड़ेगा। साथ ही नई स्टेबलिंग लाइनों के बनने से रेलवे की परिचालनिक सुविधा में बढ़ोतरी होगी। इन स्टेबल लाइनों पर जोधपुर टर्मिनेट होने वाली ट्रेनों की वाटरिंग एवं सैकंडरी मेंटिनेंस भी किया जा सकेगा। इसी तरह, जोधपुर व भगत की कोठी की इंटरलॉकिंग में बदलाव कर उसका आधुनिकीकरण करने के साथ ही नए सिग्नल लगाए गए हैं। वहीं, ओएचई इलेक्ट्रिक का कार्य भी नए ट्रेक के अनुरूप किया गया है। सिंह के अनुसार करीब 34 करोड़ रुपए की लागत वाले इस नॉन इंटरलॉकिंग के बड़े प्रोजेक्ट को गति शक्ति यूनिट ने तय समयावधि 31 मार्च से पहले सफलतापूर्वक पूरा किया है और इसके लिए उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक अमिताभ ने जोधपुर मंडल के लिए सामूहिक पुरस्कार की घोषणा की है। भगत की कोठी में होगा इलेक्ट्रिक लोको का रखरखाव मुख्य परियोजना प्रबंधक (गति शक्ति यूनिट) अशोक कुमार धाकड़ के अनुसार नॉन इंटरलॉकिंग कार्य के अंतर्गत भगत की कोठी में इलेक्ट्रिक लोको की मेंटिनेंस हेतु ट्रिप शेड का निर्माण एवं उसका कमीशन पूरा करवा लिया गया है। इस परियोजना को पूरा करने में मंडल की सभी शाखाओं का सामूहिक सहयोग रहा। 200 इंजीनियर्स व कर्मचारियों ने इस कार्य को तय समयावधि से पहले पूरा करने में सफलता हासिल की । इस दौरान डीआरएम पंकज कुमार सिंह ने सोमवार को भगत की कोठी रेलवे स्टेशन मास्टर कार्यालय में बड़े यार्ड के अनुरूप दो नए डिस्प्ले यूनिट का लोकार्पण भी किया। इस पूरे नॉन इंटरलॉकिंग कार्य के दौरान धाकड़ की मॉनिटरिंग में उप मुख्य इंजीनियर (संकेत व दूरसंचार) दीपक चौधरी, उप मुख्य अभियंता प्रवेंद्र सिंह, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक आलोक कुमार सिंह, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (संकेत व दूरसंचार) अनुपम कुमार, वरिष्ठ मंडल बिजली इंजीनियर नितेश कुमार मीणा, वरिष्ठ मंडल बिजली इंजीनियर (कर्षण) विपिन कुमार सहित अन्य अधिकारियों-कार्मिकों की अहम भूमिका रही।

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