दैनिक भास्कर के कवि सम्मेलन में जमा रंग:अरे जैन अहिंसक होते है, पर राष्ट्रभक्त बतलाऊंगा, ओम णमो अरिहंताणं हल्दी घाटी में गाऊंगा…

दैनिक भास्कर और डिस्ट्रिक्ट क्लब की ओर से पाली शहर के सुमेरपुर रोड स्थित बाड़सा रिसोर्ट व होटल में मंगलवार शाम को विराट कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। मां शारदे की तस्वीर के समक्ष पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख, पूर्व सभापति प्रदीप हिंगड, डिस्ट्रिक्ट क्लब सचिव पुनीत मुथा, बाडसा रिसोर्ट के मंगलाराम चौधरी सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कवि सम्मेलन का आगाज किया। कवि सम्मेलन की शुरुआत कवयित्री मोनिका हटेला ने प्यार दे दुलार दे मां तू सद विचार दे… सरस्वती वंदना से किया।
उसके बाद कवि डॉक्टर आदित्य जैन ने जो बात मानती हो वह घरवालिया मिले, ससुराल में तीन– तीन सालिया मिले… और फिर देश के सैनिकों के सम्मान में परिवार छोड़कर गए सरहद के काम पर, आजादी छीन लाए जो सांसों के दाम पर, अपने घरों में दीप जलाओ तो साथ में, दीपक जलाना एक शहीदों के नाम पर। जिसे सुनकर श्रोता खुद को तालिया बजाने से रोक नहीं सके।
प्रस्तुतियों के इसी क्रम में जयपुर से आए शंकर शिखर ने किसी ने कहा जिंदगी बन गई, किसी ने कहा बरबादी कर ली।शहर के एक मशहूर गुण्डे ने, पुलिस वाली से शादी कर ली।दोनों ही दबंग थे इसलिए, उनकी चवन्नी ठीक चल गई। पुलिस को आराम मिला, बदमाशों की आफत टल गई…। की प्रस्तुति दी। नाथद्वारा से आए हास्य गीतकार लोकेश महाकाली ने मियाओं की बीवियों, बीवियों के मियाओं को जोड़ीदारों को प्रणाम है। जिनकी जोड़ियां अभी घोड़ियां न चढ़ पाई उन कुवारियों और कुवारों को प्रणाम है। और जोड़ियां बनाने की फिराक में जो डोल रहे है। ऐसे देवदासों और पारों को प्रणाम है…।
उसके बाद उन्होंने लम्बा हूं में 6 फीट पार, पल्ले पड़ गई ठीगनी नार, मैं तो लगता ट्रोला-ट्रेलर, सजनी नैनो कार। बीवी मेरी छोटी-नाटी, लम्बी मेरी कद-काठी। हाय रे नसीब। जो अजीब जोड़ी पाई है। मियां-बीवी लगे ऐसे ताड़ के पेड़ पर जैसे ग्वाले ने अपनी भैंस बांध आई है…I उनकी प्रस्तुति पर श्रोता वंस मोर, वंस मोर के नारे लगाते नजर आए।
इसी क्रम में उदयपुर से आए सिद्धार्थ देवल ने मैं साफे में महामंत्र वह नमोकार ले आया हूं, सारे तीर्थकर नाज करेंगे। महावीर का जाया हूं, अरे जैन अहिंसक होते है, पर राष्ट्रभक्त बत-लाऊंगा, ओम णमो अरिहंताणं हल्दी घाटी में गाऊंगा…। पेश की।
गुजरात के कच्छ भुज से आई कवयित्री मोनिका हठीला मोना ने शृंगार रस का पाइ करते हुए कहा कि तुझे सामने बिठाकर एक दिन गजल कहूंगी, जो प्यार झर रहा है मधु यामिनी में छनकर, उस में नहाकर एक दिन गजल कहूंगी…। मंच संचालन बलवंत बल्ल् ऋषभदेव और उगमराज सांड ने किया। बलवंत बल्लू ने अपनी प्रभावी एंकरिंग से सभी का मनमोह लिया। उन्होंने बीच-बीच में हास्य और व्यंग बाण छोड़ते हुए श्रोताओं का खूब मनोरंजन किया। प्रस्तुतियों के इसी क्रम में फेमस कवि अरुण जैमिनी दिल्ली, सुनील व्यास मुंबई, आदित्य जैन कोटा ने काव्य पाठ कर खूब तालियां बटोरी। श्रोताओं ने जताया आभार
शानदार कवि सम्मेलन को लेकर श्रोताओं ने दैनिक भास्कर और डिस्ट्रिक्ट क्लब तारीफ की और भविष्य में इसी तरह ऐसे आयोजन शहरवासियों के लिए करते रहने की बात कही। आयोजन में इनका रहा सहयोग
इस आयोजन के वेन्यू पार्टनर बाड़सा रिसोर्ट व होटल व सहयोगी बीसीएम ग्रुप, लोढ़ा हॉस्पिटल, एमडी प्रॉपर्टीज, पाली अरबन बैंक, मोक्स ऑयल, चैनजी हलवा वाला, झाला ग्रीन, सरोज पेट्रोल पम्प, राहुल पेट्रो नेट, रोटरी क्लब, मनोहर पुस्तक भंडार, दिव्या ग्राफिक्स, जय भैरूनाथ टेंट, श्री नागणेचयालाइट, साउंड व उगम ईंट है।

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