भास्कर न्यूज | जालंधर निगम चुनावों में बुजुर्गों की वोट बहुत ही अहम होगी। हर एक हलके में 4 से 5 हजार से अधिक बुजुर्ग 80 वर्ष के हैं और इस बार इन बुजुर्गों को वोट डालने के लिए खुद किसी का सहारा लेकर मतदान केंद्र पर जाना होगा। इस बार की बुजुर्गों की वोटिंग जीत हार के लिए बहुत ही मायने रखती है। जिले में 45 हजार के करीब वोटर हैं। जो 80 साल से अधिक की आयु वाले हैं। इनमें काफी वोटर ऐसे हैं। जो बिल्कुल भी चल फिर नहीं सकते। अगर प्रशासन की तरफ से इन बुजुर्गों के लिए कोई खास इंतजाम वोट डालने के लिए नहीं किए गए तो कई उम्मीदवारों की जीत व हार इन्हीं के कारण हो सकती है। जो कि एक बहुत ही बड़ी चिंता का विषय है। लोगों ने कहा कि एक तो निगम चुनाव ढाई साल देरी से हो रहे हैं और अभी तक कोई ऐसा आदेश जारी नहीं हुआ। उम्मीदवारों के समर्थकों को करनी पड़ेगी मेहनत बस्तीयात निवासी पवन लूथर ने बताया कि कोरोना काल में पंजाब चुनाव आयोग ने कोरोना काल में एक बहुत ही बढिय़ा सुविधा बुजुर्गों के लिए शुरू की थी। जिसमें बैलेट पेपर से 80 साल के ऊपर से बुजुर्गों ने वोट डाली। इसका ये फायदा हुआ कि हर एक बुजुर्ग ने वोटिंग की। लेकिन इस बार उम्मीदवार व उसके समर्थकों को काफी मेहनत करनी होगी। क्योंकि उन्हें पता है कि बुजुर्ग ही हैं, जो उनकी किस्मत को बदल सकते हैं।


