भास्कर न्यूज | जालंधर वाहन चालकों को फास्टैग के कारण अब नई परेशानी आने लग गई है। अपने आप फास्टैग फ्रीज हो रहे हैं और अकाउंट ब्लैक लिस्ट हो रहा है। जिस कारण वाहन चालकों को डबल टोल देना पड़ रहा है। इसमें न तो एनएचएआई और न ही जिसने फास्टैग जारी किया है उसकी गलती है। ये गलती कंपनी की है। जिसका फास्टैग है। जो वाहन चालकों का फास्टैग बिना किसी नोटिफिकेशन के बंद कर रही है। इससे लोगों में काफी रोष है। इसी के साथ कुछ वाहन चालक अपना फास्टैग तब रिचार्ज करवाते हैं। जब उन्हें टोल से गुजरना होता है। तब भी उनको ब्लैक लिस्ट की दिक्कत आ रही है। लेकिन फास्टैग फ्रीज होने की समस्या दिन ब दिन बढ़ती जा रही है। जिसका हल कंपनी केवाईसी ही निकाल रही है। राजा गार्डन निवासी मोहित ने बताया कि उनका फास्टैग एचडीएफसी कंपनी का है। कभी फास्टैग से पैसे खत्म नहीं होने दिए। लेकिन जब वह लाडोवाल टोल प्लाजा से गुजरे तो उनका फास्टैग ब्लैक लिस्ट हो गया। जब कंपनी के कर्मचारी को अकाउंट में डिटेल दिखाई तो उसने कहा कि आपका फास्टैग फ्रीज किया गया है। जिस कारण फास्टैग से पैसे नहीं कट सकते और आपको डबल टोल देना होगा। काफी बहस करने के बाद उन्होंने डबल टोल दिया और वहां से गुजर गए। वापस आते हुए भी ये दिक्कत आई। शास्त्री मार्केट में फास्टैग कंपनी के कर्मचारी मोहन सिंह ने बताया कि रुटीन में 5 से 10 कस्टमर ऐसे आ रहे हैं। जिन्हें फास्टैग फ्रीज होने की दिक्कत आ रही है। वाहन चालक इसलिए फास्टैग दूसरी कंपनी का लगवा रहे हैं। क्योंकि बाकी कंपनियां लाइफ टाइम के लिए केवाईसी करके देते हैं। जिस कंपनी का फास्टैग लोग बदलवा रहे हैं। उसकी कंपनी सुनवाई नहीं कर रही हैं। एक साल बाद केवाईसी करवाना जरूरी है। वहीं वाहन चालकों से अपील की जाती है कि अगर फास्टैग का बैलेंस खत्म हो गया है तो उसे टोल से गुजरने से एक दिन पहले रिचार्ज करें।


