कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने ED की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस भवन छेरछेरा पुन्नी के दान और कार्यकर्ताओं के सहयोग से बना था, लेकिन अब केंद्र सरकार के इशारे पर इसे जांच के दायरे में लाया गया है। उन्होने कहा कि अगर कांग्रेस भवन को लेकर जांच की जा रही है, तो फिर बीजेपी के लग्जरी प्रदेश कार्यालय की जांच क्यों नहीं हो रही? बीजेपी का कार्यालय 150 से 200 करोड़ की लागत से बना है, लेकिन वहां ED नहीं जाती। उन्होंने कहा कि पहली बार देश के इतिहास में किसी विपक्षी पार्टी के प्रदेश कार्यालय पर इस तरह की कार्रवाई हो रही है।दीपक बैज ने कहा, ED ने समन भेजा है, जबकि हमारे पास हर पाई-पाई का हिसाब मौजूद है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ED और अन्य केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है और विपक्ष को कमजोर करने की साजिश कर रही है। समन में में चार बिंदुओं में जानकारी मांगी गई है बीजेपी के आरोपों पर बैज का पलटवार डिप्टी सीएम अरुण साव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस में एक-दूसरे को निपटाने की राजनीति नहीं होती, बल्कि बीजेपी में यह खेल लगातार जारी है। उन्होंने कहा, बीजेपी में कभी बृजमोहन अग्रवाल को निपटाने की कोशिश होती है, कभी धरमलाल कौशिक को तो कभी अजय चंद्राकर को। बीजेपी में यह आंतरिक संघर्ष साफ नजर आ रहा है। बैज ने कहा कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के लिए किसी एक नेता को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। उन्होंने कहा, टिकट वितरण से लेकर चुनाव प्रचार तक यह सामूहिक जिम्मेदारी थी और इसमें सभी की भागीदारी थी। CGMSC घोटाले पर बैज का बयान CGMSC घोटाले को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इस सरकार में जो खुलासे हो रहे हैं, वे चौंकाने वाले हैं। उन्होंने कहा, यदि इस घोटाले की गंभीरता से जांच की जाए, तो यह प्रदेश का अब तक का सबसे बड़ा घोटाला साबित होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग और CGMSC की मिलीभगत से गलत तरीके से खरीदी की गई, जिससे जनता की गाढ़ी कमाई लूटी गई। बैज ने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। छत्तीसगढ़ की राजनीति में ED की कार्रवाई, कांग्रेस भवन और CGMSC घोटाले को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है।


