नागौर में हिंदूवादी संगठनों और संतों ने थाने के बाहर भजन गायक के भगवा कपड़े उतरवा दिए। बोले-आप सनातन और भगवा के लायक नहीं हो। भजन गायक ने भी कपड़े उतारते हुए कहा कि मेरा आज नया जन्म हुआ है। यह घटना मंगलवार को जिले के श्रीबालाजी थाना के सामने हुई। भजन गायक पर भगवान और सनातन के खिलाफ विवादित टिप्पणियां करने का आरोप है। जानकारी के अनुसार- श्रीबालाजी थाना इलाके के सथेरण गांव के निवासी भजन गायक प्रभुप्रेमी ने एक कार्यक्रम में भगवान राम, माता शबरी, देवी सरस्वती और भगवान विष्णु पर विवादित टिप्पणियां की थी। इसके विरोध में नागौर और आसपास के इलाके के संत-महात्मा, भजन गायक, विश्व हिंदू परिषद के सदस्य उतर आए और आक्रोश जताया। श्रीबालाजी थाने और जसरासर थाने में रिपोर्ट दर्ज हो गई। लोगों के दबाव में श्रीबालाजी थाना पुलिस आरोपी को थाने ले आई। जहां संत और हिंदूवादी संगठन के लोगों ने आरोपी को घेर लिया। थाने के बाहर चला धरना.. संतों और आरोपी के बीच बातचीत… संत- आपसे कोई तकलीफ नहीं है। बस ये है कि राम के बारे में बोला। कौन सी रामायण पढ़ी है? हमारे मन पर ठेस पहुंची है।
आरोपी- मेरी खुद की आत्मा पर ठेस पहुंची है। संत- क्या किसी ने तुझे सिखाया है?
आरोपी- मैंने तो सोशल मीडिया पर ज्ञान की बातें देख-सुनकर बोल दिया था। संत- शास्त्र पर क्यों बोला?
आरोपी- मैं तो गरीब का बच्चा हूं। आप सभी लोगों के बीच में रहता हूं। संत- राम के पास कौन से बाण हैं। शबरी के बेर वाली बात क्यों बोली? कहां प्रमाण मिले?
आरोपी- मेरी जबान पर ही कोई सरस्वती बैठ गई तो मैंने बोल दिया। सोशल मीडिया का ज्ञान सुन-सुनकर मैंने बोल दिया। संत- तुम्हारा नाम क्या है?
आरोपी- प्रभु प्रेमी। संत- आपने कहां सुना था कि भगवान राम ने शबरी के साथ अनैतिक किया?
आरोपी- रजनीश और ओशो की किताबें पढ़ पढ़कर मेरा दिमाग खराब हो गया था। ये भी मैंने ऑनलाइन ही देखा-पढ़ा था। संत- रजनीश और ओशो ने कौन सा शास्त्र लिखा है, ये शास्त्र है क्या? ये ज्ञान उन्होंने कहां लिखा है?
आरोपी- अब मैं निवेदन करता हूं कि जिंदगी में कभी गलत नहीं बोलूंगा। संत- राम को मानते हो? कृष्ण को मानते हो? शबरी कौन है? दलितों की माता है कि नहीं?
आरोपी- मैं राम-कृष्ण सबको मानता हूं। आज से पहले सनातन धर्म के लिए जो भी कहा उसके लिए माफी मांगता हूं। सनातन, हिंदू, जाति, वर्ण के प्रति, किसी भी देवी-देवता के प्रति, आस्था के प्रति आज से पहले जो भी बोला वो शब्द वापस लेता हूं। ये मेरी अंतिम गलती है। इसके बाद नहीं होगा। आज मेरा नया जन्म है। वो आपके हाथ में है। संत- हमारे हाथ में कुछ नहीं है, भगवान के हाथ में है। ये भगवा है हमारा, आज के बाद आप भगवा धारण नहीं करोगे। आप भगवा और सनातन के लायक नहीं हो। इसे उतारो।
आरोपी- आज से न भगवा पहनूंगा न किसी का अपमान करूंगा। बीकानेर में की थी धार्मिक टिप्पणियां भजन गायक प्रभु प्रेमी ने 17 फरवरी को बीकानेर जिले के मुंडड गांव में आयोजित सत्संग में देवी-देवताओं और सनातन धर्म पर विवादित टिप्पणियां कर दी थी। इसके बाद से लगातार संत समाज और नागौर के हिंदूवादी संगठन उसकी गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। थाने के बाहर जुटे, तनाव बढ़ा इससे पहले मंगलवार को बड़ी संख्या में लोग श्रीबालाजी थाने के बाहर जुट गए थे। वे भजन गायक प्रभुप्रेमी की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। वे थाने के बाहर ही अनिश्चितकालीन धरने की बात बोलकर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि थाना इंचार्ज ओम प्रकाश गोरा शुरुआत में रिपोर्ट दर्ज करने में आनाकानी कर रहे थे। इससे तनाव और बढ़ गया। हालांकि बाद में दबाव और विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की। पुलिस टीम आरोपी प्रभुप्रेमी को थाने ले आई। वहीं थाने के सामने विरोध-प्रदर्शन कर रहे संतों और हिंदूवादी संगठन के लोगों ने प्रभुप्रेमी को घेर लिया और कपड़े उतरवा लिए। धरने में शामिल संत लक्ष्मीनारायण महाराज ने कहा- सनातन का चोला पहनकर सनातन के खिलाफ टिप्पणी करना गंभीर मामला है। संत समाज ये स्वीकार नहीं करेगा। भजन गायक ने माफी मांग ली है लेकिन उसके खिलाफ मामला दर्ज करवाया है ताकि मामले की तह का पता लगे। बोले- आप भगवा और सनातन के लायक नहीं श्रीबालाजी थाने के बाहर लोगों का आक्रोश देखते हुए प्रभुप्रेमी ने अपनी गलती स्वीकर की और सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। प्रभुप्रेमी ने हाथ जोड़कर कहा- भविष्य में कभी भी सनातन धर्म, देवताओं या महापुरुषों के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं करूंगा, संकल्प लेता हूं। प्रभुप्रेमी के खिलाफ नागौर के श्रीबालाजी और जसरासर थाने भड़काऊ धार्मिक टिप्पणी करने के मामले दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि मामले यथावत रहेंगे और कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।


