गुमला को बजट में मिला सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, ब्रेस्ट मैमोग्राफी मशीन

झारखंड विधानसभा में मंगलवार को वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,58,560 करोड़ रुपए का अबुआ दिशोम बजट पेश किया। मंईयां सम्मान योजना के तहत अब प्रत्येक लाभार्थी महिला को 2500 रुपए प्रति माह देने के लिए 14,065 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। बजट में सिंचाई और कृषि विकास के लिए भारी आवंटन किया गया है। कृषि प्रधान जिलों के लिए महिला किसान खुशहाली योजना और सिंचाई परियोजनाओं पर जोर दिया गया है। राज्य के सभी सदर अस्पतालों में ब्रेस्ट मैमोग्राफी मशीन और कैंसर के इलाज के लिए 200 करोड़ रुपए का अलग बजट रखा गया है। राज्य में 100 नए पीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस खोलने की बात आदि शामिल है। हालांकि विशेष तौर पर गुमला के लिए बजट में कुछ नहीं है। जिसे लेकर अलग-अलग लोगों ने बजट पर अपनी-अपनी राय रखी है।
निराशा भरा बजट है : मिशिर कुजूर: युवा नेता मिशिर कुजूर ने कहा कि बजट में राज्य के समग्र विकास की बात तो कही गई है। लेकिन गुमला जैसे आदिवासी व पिछड़े जिलों के लिए ठोस और स्पष्ट प्रावधान का अभाव चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि गुमला जिला आज भी सड़क, सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा व रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है। ऐसे में इस जिले के लिए विशेष पैकेज व लक्षित योजनाओं की आवश्यकता थी, जो इस बजट में स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देती। भाजपा जिलाध्यक्ष सागर उरांव ने कहा कि गुमला के किसान आज भी वर्षा पर निर्भर हैं। सिंचाई की स्थायी व्यवस्था, कृषि संसाधनों की उपलब्धता और बाजार की सुविधा सुनिश्चित किए बिना किसानों की आय बढ़ाना संभव नहीं है। इसी प्रकार युवाओं के लिए रोजगार के ठोस अवसर व कौशल विकास योजनाओं का प्रभावी कार्यान्वयन अत्यंत आवश्यकता थी, जो इस बजट में स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देती है। जनता को खुश करने लायक कुछ नहीं : जगरनाथ: समाजसेवी जगरनाथ उरांव ने कहा कि आम बजट से पूर्व दक्षिणी छोटानागपुरिया के लिए विशेष पैकेज की बात यहां के विधायक को प्राथमिकता के तहत सरकार के समक्ष बताना चाहिए था। दक्षिणी छोटानागपुर में महा गठबंधन का पूर्ण बहुमत से एमएलए व एमपी है। दो मंत्री भी है। मगर यहां के जनता को खुश कर विकास के गति को तेज बढ़ाने वाला बजट नहीं है। कांग्रेस के प्रदेश सचिव रोशन बरवा ने कहा कि आम बजट हर वर्गों के लिए सोच समझ कर पेश किया गया है। किसान से लेकर गरीब तबके के लोगों को ध्यान में रखकर बजट पेश है। अबुआ आवास, बच्चों के शिक्षा के िलए सीएम विद्यालय, कृषि प्रधान जिला के िलए विशेष पैकेज समेत अन्य सुविधाओं का भी बजट है। एमबीबीएस सीट दोगुनी की गई : कलीम: जेएमएम अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष कलीम अख्तर ने कहा कि सराहनीय बजट है। हेमंत सरकार ने शहीदों को सम्मान देने का काम किया है। उनके आश्रितों के लिए आदर्श विद्यालय खोलने की बात कही गई है। स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरूस्त करने के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेज में 220 एमबीबीएस सीट में बढ़ोतरी व अगामी 4 वर्षों में एमबीबीएस सीट दुगुना करने का लक्ष्य है। जिससे ग्रामीण क्षेत्र में भी चिकित्सक प्रतिनियुक्त हो सकें।

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