भगवान श्रीकृष्ण ने प्रकृति और कर्म की पूजा का संदेश दिया: साध्वी भारती

भास्कर न्यूज | लुधियाना दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा सेक्टर 32ए चंडीगढ़ रोड पर आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के पांचवें दिन श्रद्धा का जनसैलाब उमड़ पड़ा। कथा व्यास साध्वी वैष्णवी भारती ने गोवर्धन लीला के आध्यात्मिक रहस्यों को उजागर करते हुए बताया कि प्रभु ने इंद्र का अहंकार चूर कर समाज को प्रकृति और कर्म की पूजा का संदेश दिया। साध्वी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों को इंद्र की जगह गोवर्धन पर्वत और धरती की पूजा के लिए प्रेरित किया। इसका गहरा अर्थ यह है कि जो प्रकृति हमारा पोषण करती है वही वंदनीय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्म ही मनुष्य के सुख-दुख और जन्म-मृत्यु का आधार है। कर से कर्म करो विधि नाना, चित्त राखो जहां दया निधाना के सूत्र को समझाते हुए उन्होंने कहा कि व्यावहारिक जीवन में यह संतुलन केवल एक पूर्ण गुरु ही बना सकता है जो भीतर ईश्वर का साक्षात्कार करवाकर श्वासों में शाश्वत नाम को प्रकट कर दे। कथा के दौरान कामधेनु प्रकल्प पर चर्चा करते हुए साध्वी ने गाय के वैज्ञानिक और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गोमूत्र और पंचगव्य से 400 से अधिक रोगों का उपचार संभव है। मंगल पांडे जैसे वीरों के बलिदान को याद दिलाते हुए उन्होंने आह्वान किया कि आज गाय के संरक्षण और संवर्धन की नितांत आवश्यकता है। संस्थान द्वारा भारतीय देसी नस्ल की गायों के नस्ल सुधार और संरक्षण पर विशेष कार्य किया जा रहा है। क्योंकि गाय बचेगी तभी देश प्रगति करेगा। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ जिसमें डीसी हिमांशु जैन, डॉ. प्रगति वर्मा, बीजेपी प्रधान रजनीश धीमान, अमरजीत सिंह टीका और भुवन गोयल सहित कई गणमान्य अतिथि शामिल हुए। मुख्य यजमान साजन अग्रवाल, सुनीता अग्रवाल और अन्य परिवारों ने विधिवत पूजन किया। आरती के समय हजारों श्रद्धालुओं ने प्रभु भक्ति का आनंद लिया।

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