लुधियाना|प्राइवेट स्कूलों को नियमों का सख्ती से पालन कराने के लिए डीसी हिमांशु जैन ने एडीसी जनरल की अध्यक्षता में कमेटी बना दी है। डीईओ (सेकेंडरी), फाइनेंस और अकाउंट्स के डिप्टी कंट्रोलर और सीएमएफओ की सदस्यता वाली कमेटी को स्कूल परिसर, कामकाज, फाइनेंस और नियमों के पालन का रेगुलर, इंस्पेक्शन करने का काम सौंपा गया है। कमेटी अपनी रिपोर्ट सीधे उनके ऑफिस में जमा करेगी और सरकारी निर्देशों का उल्लंघन करने वाले किसी भी स्कूल के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाने का सुझाव देगी। डीसी ने सभी प्राइवेट स्कूलों के प्रिंसिपल और मैनेजमेंट को आरटीई एक्ट, 2009 को पूरी तरह से लागू करने को कहा। जिसमें डीडब्ल्यूएस और पिछड़े बच्चों के लिए जरूरी 25 प्रतिशत रिजर्वेशन को घोषित करना भी शामिल है। स्कूलों को पंजाब फीस रेगुलेशन एक्ट, 2016/2019 के तहत सख्ती से लागू करना होगा, जिसमें मनमानी बढ़ोतरी की इजाज़त नहीं है। स्कूल परिसर में किसी भी तरह की कमर्शियल एक्टिविटी की इजाज़त नहीं है। पंजाबी भाषा पढ़ाना जरूरी है। नियमों के तहत किसी भी बच्चे को शारीरिक सजा या मानसिक परेशान करना निषेध है। सालाना अकाउंट्स, सेफ वाहन पॉलिसी का होगा रिकॉर्ड स्कूलों को नॉन-प्रॉफिट तरीके से काम करना होगा, सालाना अकाउंट्स का ऑडिट चार्टर्ड अकाउंटेंट से करवाना होगा और ऑडिट किए गए फाइनेंशियल स्टेटमेंट की एक कॉपी हर साल डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर को जमा करनी होगी। टीचर की अपॉइंटमेंट और सैलरी पेमेंट सीबीएसई या पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड के तय नियमों के हिसाब से होनी चाहिए। आरपीडब्ल्यूडी एक्ट, 2016 का पूरी तरह पालन करना जरूरी है, साथ ही बिल्डिंग सेफ्टी, फायर सेफ्टी और पीने के पानी के लिए वैलिड और बिना एक्सपायर हुए सर्टिफिकेट रखना भी जरूरी है। स्कूल ट्रांसपोर्ट के लिए “सेफ वाहन पॉलिसी” का हर समय सख्ती से पालन किया जाना चाहिए।


