मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड की जन-आकांक्षाओं को पूरा करने के उद्देश्य से ‘अबुआ दिशोम’ बजट 2026-27 लाया गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2050 तक युवा झारखंड को समृद्ध राज्य बनाने की दिशा में यह बजट एक मजबूत आधार तैयार करेगा। हेमंत ने कहा कि बजट में ऐसे कई प्रावधान किए गए हैं, जिनका असर आने वाले समय में धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। उनका कहना था कि विकास की रफ्तार तेज और समावेशी हो, इसके लिए वित्तीय प्रबंधन को पारदर्शिता के साथ रखा गया है। उन्होंने वित्त मंत्री की सराहना करते हुए कहा कि राज्य के विकास को लेकर विस्तारपूर्वक और पूरी पारदर्शिता के साथ बातें रखी गई हैं। इसका सकारात्मक परिणाम भी जमीन पर दिखना चाहिए। सीएम ने कहा कि बजट में समाज के सभी वर्गों युवा, किसान, महिलाएं, मजदूर, शहरी और ग्रामीण क्षेत्र का ध्यान रखा गया है। अगर कोई वर्ग या क्षेत्र छूट गया हो तो सुझाव दिया जाए, ताकि उसे भी योजनाओं में शामिल किया जा सके। अंत में उन्होंने राज्यवासियों को बधाई, शुभकामनाएं और जोहार देते हुए भरोसा जताया कि यह बजट झारखंड के सर्वांगीण विकास की नई दिशा तय करेगा। मरांडी बोले… जन और विकास विरोधी है बाबा दिशोम बजट विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार के ‘बाबा दिशोम बजट’ को निराशाजनक, जनविरोधी और विकास विरोधी करार दिया है। कहा कि राज्य की जनता को इस बजट से बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन सरकार उन पर खरी नहीं उतरी। मरांडी ने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बदहाल बुनियादी ढांचे की समस्याओं के समाधान की अपेक्षा थी। लोगों को लगा था कि बजट में ठोस और दूरगामी फैसले होंगे, लेकिन सरकार ने केवल हवा-हवाई घोषणाओं का सहारा लिया है।गरीब, किसान, महिला, छात्र और युवा समाज का हर वर्ग इस बजट से खुद को उपेक्षित और ठगा हुआ महसूस कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में न तो रोजगार सृजन की स्पष्ट योजना है और न ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का ठोस खाका। मरांडी ने सरकार पर दिशाहीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि विभागों के बीच सामंजस्य का अभाव साफ दिखाई देता है। यह बजट विजन की कमी और प्रशासनिक असंतुलन को उजागर करता है। उन्होंने सरकार से बजट की प्राथमिकताओं की पुर्नसमीक्षा करने और जनहित में ठोस कदम उठाने की मांग की। मुख्यमंत्री को वित्त मंत्री ने सौंपी बजट की प्रति वित्त वर्ष 2026-27 का बजट विधानसभा में पेश करने से पहले वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ‘अबुआ दिशोम’बजट की प्रति भेंट की। मौके पर कल्पना भी मौजूद थीं।


