डीएसपीएमयू में कर्मचारियों का पेन डाउन आंदोलन 7वें दिन मंगलवार को भी जारी रहा। इस कारण प्रशासनिक कार्य पूर्ण रूप से ठप रहा। प्रमाण-पत्र लेने के लिए विवि में आने वाले छात्र निराश लौट रहे हैं। रजिस्ट्रार डॉ धनंजय बासुदेव द्विवेदी और हड़ताली कर्मचारियों के बीच सकारात्मक वार्ता हुई, लेकिन बेनतीजा रहा। कर्मचारियों की ओर से महासचिव रोहित सिंह, संतोष कुमार, शैलेंद्र कुमार, उदय प्रसाद ने कहा कि आरयू समेत राज्य दूसरे विवि के कर्मियों को एमएसीपी लाभ मिल रहा है, लेकिन यहां सीनेट से पास होने के बाद भी किन स्थितियों में रोक दिया गया? सीनेट में लिए फैसले को बदलने का अधिकार है? सीनेट में लिए गए निर्णय को सिर्फ सीनेट में ही बदला जा सकता है। हड़ताली कर्मचारियों से डिमांड पर समुचित कार्यवाही के लिए रजिस्ट्रार ने 15 दिन की मोहलत मांगी, जिसे कर्मचारियों ने अस्वीकार कर दिया। इनका कहना था कि केवल समय देने से समस्या का समाधान नहीं होगा। अनुबंध कर्मियों के मानदेय वृद्धि को लेकर भी विवि द्वारा पहल नहीं की गई है। मौके पर मुख्य रूप से आशुतोष, अजीत, मनोज कुमार, अंकिता, मंगल, शशिकांत, राकेश सिंह, महावीर मुंडा, अमित महतो, संजय उरांव, अकील, मीना, जया, विजय, सुनीता, नीलम, मो. तारिक, विजय, निर्मल सरोजा, विकास समेत अन्य मौजूद थे।


