विधानसभा में बजट सत्र के दूसरे सदन में सत्तापक्ष के विधायकों ने अपनी ही सरकार के मंत्री को घेरा। भाजपा विधायक सुनील सोनी और अजय चंद्राकर द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब देने से परिवहन मंत्री केदार कश्यप बचते नजर आए। सोनी ने सवाल किया कि राजधानी रायपुर में सुगम यातायात के लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं। देशभर में हादसे हो रहे हैं तो कम से कम छत्तीसगढ़ में मौतें रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए हैं? कि रायपुर जैसे शहर में दुर्घटनाएं कम करने के लिए क्या कोई ठोस मास्टर प्लान है और भाटागांव अंडरब्रिज को सुधारने की समय-सीमा क्या तय की गई है। परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि राजधानी रायपुर में सुगम यातायात के लिए रणनीति तैयार की गई है। इसके तहत शहर के 19 प्रमुख चौक-चौराहों को प्राथमिकता में लिया गया है, जिनमें भारतमाता चौक, फाफाडीह चौक और जयस्तंभ चौक शामिल हैं। मंत्री ने कहा कि 14 स्थानों पर लेफ्ट टर्न फ्री किया गया है, 27 जंक्शनों पर ट्रैफिक कैमरे लगाए गए हैं और आईटीएमएस का विस्तार किया जा रहा है। ओवरस्पीड रोकने के लिए तीन स्थानों पर लिडार कैमरे भी लगाए गए हैं। ब्लैक स्पॉट और ट्रेनिंग पर विपक्ष का हमला
पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने सरकार की रणनीतियों को कागजी बताते हुए कहा कि विशेषज्ञों से अध्ययन कराए गए, लेकिन जमीन पर हालात नहीं बदले। उन्होंने ब्लैक स्पॉट पर कार्रवाई की प्रगति पर सवाल उठाया। मंत्री कश्यप ने बताया कि प्रदेश में 167 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए थे, जिनमें से 101 को खत्म किया जा चुका है, जबकि 66 पर अभी कार्रवाई जारी है। साथ ही उन्होंने कहा कि राजधानी रायपुर स्थित ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में अब तक 38,573 वाहन चालकों को प्रशिक्षण दिया गया है।


