भास्कर न्यूज | अमृतसर सरकार ने मुख्यमंत्री सेहत योजना के हेल्थ कार्ड बनवाने की प्रक्रिया को सरल करके जनता को राहत दी है। अब हेल्थ कार्ड के लिए रजिस्ट्रेशन के लिए जरूरी अपॉइंटमेंट स्लिप यानी पर्ची की बाध्यता को खत्म कर दिया गया है। अब पात्र लोग सीधे कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) और प्रशासन के कैंप में हेल्थ कार्ड बनवा सकते हैं। यहां तक कि व्यक्ति किसी भी वार्ड में कार्ड बना सकते हैं। वहीं उन लोगों को ज्यादा परेशानी हो रही है, जिनके आयुष्मान कार्ड बने हुए है। यह कार्ड केंद्र सरकार की स्कीम के तहत 5 लाख की राशि वाले बने थे। जिस शख्स का यह कार्ड बना हुआ है, उसे कार्ड बनाने में परेशानी हो रही है। जिन लोगों के यह कार्ड बने हुए हैं और वह ऑनलाइन चेक करने में अप्रूव हैं, लेकिन उनकी ईकेवाईसी नहीं हुई है तो उनके कार्ड नहीं बनाए जा रहे हैं। रजिस्ट्रेशन के लिए अपॉइंटमेंट स्लिप यानी पर्ची के चलते लोगों को परेशानी हो रही थी। जिसके चलते सरकार ने इसमें बदलाव किया और अब लोग सीएससी सेंटर पर ही यह कार्ड बनवा सकेंगे। नियमों में बदलाव के बाद अब कोई भी व्यक्ति सीधे अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर या प्रशासन के कैंपों में कार्ड बनवा सकता है। अब किसी सिफारिश की कोई जरूरत नहीं होगी। इस कदम से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को बिना किसी राजनीतिक हस्तक्षेप के मुफ्त इलाज की सुविधा मिल सकेगी। डीसी दलविंदरजीत सिंह का कहना है कि पंजाब सरकार की ओर से मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत कार्ड बनाने के लिए अप्वाइंटमेंट स्लिप की जरूरत को खत्म कर दिया है। अब किसी भी घर के कम से कम 2 वोटर कार्ड और मोबाइल नंबर लिंक आधार कार्ड सहित अपने किसी भी नजदीकी के सीएससी सेंटर में जाकर इस योजना का कार्ड बनवा सकते हैं। मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत हर परिवार को 10 लाख रुपए सालाना मुफ्त ईलाज की सुविधा सरकार की ओर से दी जाएगी। कार्ड बनवाने के लिए यह सब होना जरूरी : आधार कार्ड, वोटर कार्ड और मोबाइल नंबर लिंक होना जरूरी है। आधार के लिंक होने से मोबाइल पर ओटीपी मिलेगा। वोटर कार्ड में नाम में गड़बड़ी न हो। वोटर कार्ड में मूल पता कहीं और का और आधार कार्ड में अमृतसर का पता है तो कार्ड नहीं बनेगा। 18 साल से कम उम्र होने पर बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र होना जरुरी है। परिवार में अकेले बुजुर्ग के होने पर भी हेल्थ बीमा कार्ड नहीं बनेगा। हेल्थ बीमा कार्ड के लिए फैमिली के 2 मेंबर होने चाहिए। विधवा अकेली महिला का भी यह कार्ड नहीं बनेगा। मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 10 लाख रुपए के बीमा कार्ड बनाने में में लोगों को कई परेशानी भी झेलनी पड़ रही है। वहीं ज्यादातर लोग वह ही पहुंच रहे हैं, जिनके आयुष्मान कार्ड बने हुए हैं और उनकी ईकेवाईसी नहीं हुई है। उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ा रहा है। अब यह ईकेवाईसी कहां से होगी, उसका जवाब कर्मचारी भी नहीं दे पा रहे हैं। पहले कॉमन सर्विस सेंटरों पर कार्ड बनवाने के लिए लोगों को पार्षद आदि से हेल्थ कार्ड की अपॉइंटमेंट स्लिप लेनी पड़ रही थी। जिस में तारीख, समय, कॉमन सर्विस सेंटर का पता, फैमिली के हैंड, वोटर आईडी नंबर, मोबाइल नंबर लिखा होता है। इसमें पात्र व्यक्ति को आधार कार्ड और वोटर कार्ड लेकर आने को लिखा होता था। साथ गांव और वार्ड कार्डिनेटर का नाम भी लिखा होता था।


