वॉटर-सप्लाई बिलों की रिकवरी कम, इंस्पेक्टरों की रिपोर्ट मांगी

भास्कर न्यूज | जालंधर नगर निगम मार्च में नए वित्तीय वर्ष का बजट पेश करने से पहले सभी शाखाओं की कार्यप्रणाली की समीक्षा कर रहा है। वाटर एंड सेनिटेशन ब्रांच की कलेक्शन रिपोर्ट में सामने आया कि 24 करोड़ रुपए के लक्ष्य के मुकाबले केवल 18 करोड़ रुपए ही वसूले गए, जिससे 6 करोड़ रुपए की कमी रह गई। जांच में यह भी सामने आया कि कैंट क्षेत्र में रेलवे के पानी कनेक्शन से 4 करोड़ रुपए और इंडियन ऑयल से करीब 90 लाख रुपए की बिल राशि अब तक नहीं ली गई है। कामकाज की समीक्षा कर रहे मेयर वनीत धीर ने लक्ष्य से कम कलेक्शन पर सख्त निर्देश जारी किए। बैठक में मौजूद कमिश्नर संदीप ऋषि ने कहा कि बारीकी से मॉनिटरिंग कर लक्ष्य पूरा कराया जाएगा। मेयर ने अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर दोनों सरकारी विभागों से बकाया वसूली के निर्देश दिए। साथ ही बिल डिफॉल्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब रेवेन्यू रिपोर्ट केवल जोन स्तर पर नहीं, बल्कि प्रत्येक इंस्पेक्टर की व्यक्तिगत परफॉर्मेंस के आधार पर भी तैयार की जाएगी और उसी आधार पर तबादला नीति लागू होगी। शहर में करीब 700 ट्यूबवेल संचालित हैं और जनसंख्या बढ़ रही है, लेकिन नए कनेक्शन डेटा अपडेट न होने से राजस्व नहीं बढ़ पा रहा। पास नक्शों और वाटर ब्रांच के डेटा को साझा कर कलेक्शन बढ़ाने की योजना है।

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