भास्कर न्यूज | जालंधर रोड सेफ्टी कमेटी की बुधवार को होने वाली मीटिंग में फिर से वही मुद्दे उठाए जाएंगे जिसपर पहले चर्चा होती आ रही है। नेशनल हाईवे पर होने वाली सड़क दुर्घटना में अभी तक किसी की जिम्मेदारी तय नहीं हुई। रोड सेफ्टी कमेटी की पिछली बैठकों में दिए निर्देशों की न ही समीक्षा होती है और ना ही उन्हें ग्राउंड जीरो पर लागू करने के लिए कोई प्लान है। स्कूल सेफ वाहन पॉलिसी को लागू करवाने का पॉइंट हर बार मीटिंग में होता है लेकिन वाहनों की चेकिंग न के बराबर है। स्कूली बच्चे टूटे और खस्ताहालत ऑटो और कंडम वाहनों से ट्रेवल कर रहे है। भोगपुर हाईवे पर भी लगातार सड़क दुर्घटना हो रही है लेकिन एक भी एफआईआर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी पर दर्ज नहीं हुई। कई चिन्हित ब्लैक स्पॉट पर न संकेतक लगे, ना ही सड़कों से अतिक्रमण हटाया गया। इसके बावजूद हर महीने बैठक की औपचारिक रिपोर्ट तैयार तैयार की जा रही है, जिससे जमीनी हकीकत और सरकारी दावों के बीच बड़ा फर्क साफ नजर आता है। आज होने वाली मीटिंग में भी सड़क हादसों पर नकेल कसने के लिए सेफ स्कूल वाहन पॉलिसी से लेकर आवारा पशुओं के कारण होने वाली मौतों जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा होगी। इस मीटिंग में डीसी, एडीसी, आरटीओ, जिला एजुकेशन अधिकारी सहित सभी एसडीएम, सिविल सर्जन, पीडब्ल्यूडी और निगम से अधिकारी मौजूद रहेंगे। इन मुद्दों पर भी होगी चर्चा . ब्लैक स्पॉट्स और हाई रिस्क कॉरिडोर में उन जगहों की पहचान कर ठीक करवाना। . प्राइवेट गाड़ियों पर लगे हूटर्स और पुलिस ब्लिंक एलईडी लाइटों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाना। . आदमपुर, भोगपुर, किशनगढ़ और ट्रांसपोर्ट नगर जैसे इलाकों में ट्रैफिक की समस्या सुलझाने के लिए संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। सड़क दुर्घटनाओं के डेटा मैनेजमेंट और घायलों के लिए केशलैस इलाज की स्कीम को धरातल पर उतारने की रणनीति। संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज हो रोड सेफ्टी कमेटी के मेंबर सुरिंदर सैनी ने कहा कि आज भी सड़कों पर हादसों में लोग जान गंवा रहे हैं। डीसी ने कहा था कि संबंधित अधिकारी और मुलाजिम के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी, लेकिन अभी तक इसे लागू नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा सड़कों पर कब्जे नहीं हट रहे, हर बार मीटिंग सिर्फ खानापूर्ति के लिए होती है। जबकि नगर निगम और डीसी आफिस के आस-पास ही सड़कों पर कब्जों की भरमार है। मीटिंग में जो फैसले हो रहे है उन्हें सख्ती के साथ लागू करना होगा तभी लोगों को इसका फायदा होगा।


