नियम विरुद्ध संचालित हो रहे कई ई-मित्र कियोस्क:प्रदेश के 2644 ई-मित्र केंद्रों ने नहीं दी सेवाएं, पैनाल्टी लगाई

सरकारी सेवाओं के आवेदन, पेंशन, राशन, सब्सिडी और विद्यार्थियों को परीक्षा–प्रमाण पत्र आवेदन जैसे कामों के लिए घर के पास ऑनलाइन सुविधा के रूप में संचालित ई-मित्र कियोस्कों की कई प्रकार की अनियमितता सामने आ रही हैं। इनमें सबसे ज्यादा 85 प्रतिशत ई-मित्र कियोस्क निष्क्रिय और समयबृद्धता का ध्यान नहीं रखने वाले हैं। कई कियोस्कों पर रेट लिस्ट नहीं मिल रही तो कई जगह निर्धारित दर से ज्यादा रेट वसूलने पर कार्रवाई की गई है। आरआईएसएल की नवंबर 2025 की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में ई-मित्रों से 24.93 लाख से ज्यादा नियमों के विपरीत काम करने पर वसूली की गई। इनमें 2644 ई मित्र ऐसे पाए गए जो सेवा नहीं दे रहे थे। इन पर 15.4 लाख की पैनाल्टी लगाई गई। ई-मित्र परियोजना का उद्देश्य निर्बाध डिजिटल सेवाएं प्रदान करना है, लेकिन 2644 ई-मित्र कियोस्क ‘नॉन-फंक्शनल’ यानी निष्क्रिय पाए गए। यहां इन सेंटरों पर निश्चित समयावधि तक कोई भी लेन-देन नहीं किया गया। जबकि लोग बिजली, पानी सहित अन्य तमाम तरह के जरूरी बिल ई–मित्रों के जरिए जमा करवाते हैं। ऐसे निष्क्रिय और गड़बड़ियां करने वाले कियोस्कों की पोर्टल सेवाएं बंद की गई। बाद में विभाग के पास कुल 3080 आवेदन ऐसे आए जिन्होंने 500 रुपए प्रति कियोस्क की पैनाल्टी राशि जमा कर आईडी बहाल करवाई। इससे 15.40 लाख रुपए का राजस्व भी मिला। वहीं, दूसरी तरफ ई-मित्र केंद्रों पर सबसे ज्यादा शिकायतें अक्सर ग्राहकों से निर्धारित दर से ज्यादा रुपए वसूलने की आती है। प्रत्येक केंद्र पर आधिकारिक रेट लिस्ट और बोर्ड लगाना भी अनिवार्य कर रखा है। मगर जांच के दौरान 214 कियोस्क ऐसे पाए गए जहां कोई रेट लिस्ट नहीं लगाई हुई थी। नियमों का पालन नहीं करने पर इन ई-मित्र कियोस्क से 3.19 लाख रुपए पैनाल्टी वसूली। इसी तरह 172 ई-मित्र कियोस्क ऐसे मिले, जिनकी अनुमति किसी लोकेशन की ली गई और संचालित कहीं और हो रहे थे। इन पर 1.60 लाख रुपए का जुर्माना वसूला गया। 12 ई-मित्र कियोस्क का लाइसेंस भी सस्पेंड किया गया। वहीं, स्थानीय सेवा प्रदाता फर्म को अपने कियोस्कों का नियमित निरीक्षण करना भी होता है लेकिन जांच में पाया गया कि कई जगह मैनपावर की कमी मिली। ऐसे में उन फर्मों पर भी अतिरिक्त पैनाल्टी लगाई गई। 722 तरह की सेवाएं ऑनलाइन, इनमें 59 केंद्र की ई-मित्र के अंतर्गत राजस्थान में 722 तरह की सेवाएं संचालित हो रही हैं। इनमें 59 सेवाएं केंद्र सरकार की ओर से अनिवार्य की गई हैं। केंद्रीय प्रशासनिक सुधार विभाग की रिपोर्ट के अनुसार लोगों को ऑनलाइन सर्विस देने में राजस्थान टॉप टेन राज्यों में शामिल है। जबकि सबसे निचले पायदान पर लद्दाख में सिर्फ 9 योजनाओं के लिए ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध है। दस राज्यों में 50 से कम सेवाओं का लाभ मिल रहा है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *