दौसा जिले में फैल रही सिलिकोसिस बीमारी की स्थिति जानने के लिए केंद्रीय टीम मंगलवार को सिकराय क्षेत्र के दौरे पर रही। केंद्रीय प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के एडिशनल डायरेक्टर अजीत विद्यार्थी और भोपाल से डॉ. अनूप चतुर्वेदी ने मानपुर, कालवान और सीकरी में संचालित स्टोन यूनिट और क्रेशर का निरीक्षण किया। टीम ने मरीजों से बातचीत कर हालात समझे, श्रमिकों की सुरक्षा उपायों की समीक्षा की और सरकारी सहायता को लेकर फीडबैक लिया। स्टोन यूनिटों का निरीक्षण केंद्रीय टीम ने स्थानीय अधिकारियों के साथ मानपुर में स्टोन कटिंग यूनिटों का दौरा किया। इसके बाद कालवान और सीकरी में संचालित क्रेशर यूनिटों का भी निरीक्षण किया गया। टीम ने पत्थर कटिंग संचालकों से सीधे बातचीत की और श्रमिकों की सुरक्षा के इंतजामों के बारे में जानकारी ली। मरीजों और श्रमिकों से बातचीत दौरे के दौरान टीम ने सिलिकोसिस मरीजों से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य हालात की जानकारी ली। कई श्रमिकों से हेल्थ चेकअप, धूल से बचाव के उपाय और सरकारी सहायता राशि को लेकर फीडबैक लिया गया। हालांकि कई यूनिटों पर टीम के पहुंचने के समय मजदूर मौजूद नहीं मिले। सरकारी सहायता पर भी चर्चा टीम ने सिलिकोसिस पीड़ितों को मिलने वाली सरकारी सहायता राशि की जानकारी जुटाई। संचालकों से बीमारी की रोकथाम के उपायों और सरकार से अपेक्षित सहयोग को लेकर सुझाव भी लिए गए। तीन दिन का दौरा, दस दिन में रिपोर्ट केंद्रीय टीम बुधवार को भी सिलिकोसिस प्रभावित गांवों का दौरा करेगी और जमीनी स्थिति का आकलन करेगी। जिले में तीन दिन के दौरे के बाद टीम 10 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपेगी। अधिकारी रहे मौजूद दौरे के दौरान जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. रविशंकर नागर, सिकराय बीसीएमओ डॉ. मनोज मीना, सिकंदरा बीसीएमओ डॉ. ओमप्रकाश सैनी, डॉ. रवि मीणा, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी बलवंत सिंह गुर्जर सहित श्रम विभाग और प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारी मौजूद रहे। वीडियो- देवेन्द्र सैहणा/धर्मेन्द्र अवस्थी


