MLA ने प्राइवेट लाइनमैनों की मनमानी पर उठाए सवाल:विधानसभा में बोले- इंटर डिस्कॉम तबादला नीति लागू हो; नए जीएसएस समेत कई मांग उठाई

महवा विधायक राजेंद्र मीणा ने विधानसभा में ऊर्जा एवं खाद्य विभाग की मांगों पर चर्चा के दौरान क्षेत्र की बिजली व्यवस्था से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में कार्य कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर कई समस्याएं अब भी समाधान की प्रतीक्षा में हैं। निजी लाइनमैनों की कार्यशैली पर उठाए सवाल विधायक ने कहा कि निजी ठेकेदारों के माध्यम से लगाए गए लाइनमैन मनमानी करते हैं, जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ती है। उन्होंने जर्जर विद्युत लाइनों को प्राथमिकता से बदलने की मांग की। साथ ही VCR (विजिलेंस चेक रिपोर्ट) की समय सीमा 30 दिन से बढ़ाकर 60 दिन करने का सुझाव दिया, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके। नगर क्षेत्रों में अंडरग्राउंड लाइन की मांग महवा और मंडावर नगरपालिका क्षेत्रों में 33 केवी एवं 11 केवी लाइनों को सुरक्षा की दृष्टि से अंडरग्राउंड किए जाने की मांग रखी गई। ग्राम पंचायत पावटा में 33 केवी जीएसएस का कार्य पिछले एक वर्ष से रुका हुआ है। विधायक ने इसे शीघ्र पुनः शुरू कराने पर जोर दिया। इंटर डिस्कॉम तबादला नीति लागू करने की मांग विधायक ने कहा कि जयपुर डिस्कॉम, जोधपुर डिस्कॉम और अजमेर डिस्कॉम के गठन को 26 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन अब तक इंटर डिस्कॉम तबादला नीति लागू नहीं की गई। उन्होंने इसे शीघ्र प्रभाव से लागू करने की आवश्यकता बताई। क्षेत्र में नए जीएसएस की मांग बढ़ती आबादी को देखते हुए महवा कस्बे में एक अतिरिक्त 33/11 केवी जीएसएस स्वीकृत करने की मांग की गई। ग्रामीण क्षेत्रों मोहनपुर, बहड़खो और बैजूपाड़ा में नए जीएसएस स्थापित करने का प्रस्ताव भी रखा गया। महवा एवं मंडावर नगरपालिका क्षेत्रों में फॉल्ट रिपेयर टीम (FRT) के लिए अतिरिक्त वाहन और स्टाफ उपलब्ध कराने की मांग की गई। विधायक ने बताया कि अब तक क्षेत्र में 6 नए 33/11 केवी जीएसएस स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनमें से 4 चालू हो गए हैं। वर्ष 2026-27 के बजट में दो जीएसएस के लिए भूमि आवंटित हो चुकी है। मनोहरपुर 220 केवी जीएसएस का कार्य प्रगति पर है। खाद्य सुरक्षा पर भी रखा पक्ष ऊर्जा विभाग के साथ-साथ खाद्य विभाग के मुद्दों पर भी विधायक ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि महवा विधानसभा क्षेत्र में 31,102 पात्र व्यक्तियों को खाद्य सुरक्षा योजना से जोड़ा गया है। विधायक ने राशन डीलरों का नाम बदलकर “राशन मित्र” करने और डीलरों का अटैचमेंट निकटतम डीलर से करने की मांग भी सदन में रखी। विधायक ने कहा कि क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करना प्राथमिकता है और सरकार से सकारात्मक कार्रवाई की अपेक्षा है।

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