इटारसी। देश के सबसे बड़े श्रम संगठन भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के राष्ट्रीय आह्वान पर बुधवार को आयुध निर्माणी इटारसी में आयुध निर्माणी कर्मचारी संघ यूनियन ने विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने नई श्रम कानून नीति में बदलाव सहित विभिन्न मांगों को लेकर नारेबाजी की और मुख्य महाप्रबंधक आलोक कुमार अग्रवाल को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि वर्तमान सरकारी नीतियों से कर्मचारियों के हित प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से श्रमिक हितों को ध्यान में रखते हुए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की अपील की। यूनियन की प्रमुख मांगों में सामान्य भर्ती प्रक्रिया शुरू करना, निजीकरण और निगमीकरण की नीति वापस लेना तथा कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करना शामिल था। बीएमएस पदाधिकारियों ने आठवें वेतन आयोग के अनुरूप पीएल-बी भुगतान की मांग की। उन्होंने ठेका प्रथा बंद कर श्रमिकों के नियमितीकरण पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, लेबर लॉ की कमियों को दूर कर इसे सभी क्षेत्रों के कर्मचारियों पर बिना किसी छूट के लागू करने की मांग भी रखी गई। यूनियन ने भुगतान बोनस अधिनियम, 1965 के तहत बोनस पात्रता सीमा बढ़ाने और रक्षा मंत्रालय के अधीन औद्योगिक प्रतिष्ठानों में रिक्त पदों को शीघ्र भरने की मांग भी दोहराई। ज्ञापन में केंद्र सरकार के विभागों और संस्थानों में कार्यरत संविदा व अस्थायी श्रमिकों के नियमितीकरण की बात कही गई। इसमें जेसीएम की प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्तरीय परिषद की बैठकों को नियमित त्रैमासिक अंतराल पर आयोजित करने की मांग भी शामिल थी। इसके अलावा, यूपीएस और एनपीएस को समाप्त कर सभी केंद्रीय कर्मचारियों के लिए सीसीएस (पेंशन) नियम, 2021 बहाल करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। इस अवसर पर भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ के जेसीएम सदस्य अमित बाजपेई, यूनियन अध्यक्ष कुलदीप चौधरी, कार्यकारी अध्यक्ष नरेंद्र मेघवाल, महामंत्री कृष्णा शर्मा, राजेश रोशन, योगेश पटेल, अतुल सिंह सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।


