अमेरिका में सिख कुक की हत्या को लेकर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने बताया कि किडनैपरों ने किसी और को उठाना था, लेकिन गलत पहचान के कारण वह अवतार सिंह को उठाकर ले गए। रास्ते में जाते हुए जब किडनैपरों ने उससे कुछ सवाल पूछे तो अवतार सिंह जवाब नहीं दे पाया। किडनैपर्स ने अवतार सिंह को छोड़ने के बजाय उनकी हत्या कर दी। उसकी लाश अपहरण जगह से करीब 2 घंटे की दूरी पर स्थित लेक बेरीसा के पास हाइवे के किनारे फेंक दिया। जिसे तीन दिन बाद पुलिस ने बरामद किया। पुलिस ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया कि आखिर गुरुद्वारा साहिब परिसर से किडनैपरों ने किसे उठाना था। गलत पहचान के कारण अवतार सिंह की हत्या के बाद लोगों में दहशत है। अवतार सिंह के घर 6 महीने पहले ही 3 बच्चों ने जन्म लिया था। बता दें कि अमेरिका के ट्रेसी शहर के गुरुद्वारा साहिब परिसर से लुधियाना के अवतार सिंह (57) को 17 फरवरी को किडनैप किया गया। किडनैपिंग के तीन दिन बाद यानी 20 फरवरी को उनका शव बरामद हुआ। अमेरिकी जांच एजेंसियों ने कत्ल को लेकर क्या कहा…
सिख कुक की किडनैपिंग का पता कैसे चला 3 दुधमुहें बच्चे, कुक का काम कर रहे थे
अवतार सिंह के तीन बच्चे हैं और तीनों का जन्म एक साथ करीब छह महीने पहले हुआ था। जानकारी के अनुसार इन बच्चों का जन्म शादी के 20 साल बाद हुआ। अब इन तीनों बच्चों के सिर से पिता उठ गया। अवतार सिंह पिछले कई वर्षों से टकसाल के नियंत्रण वाले गुरुद्वारा ‘गुरु नानक प्रकाश’ में कुक के रूप में सेवा कर रहे थे। गुरुद्वारे के बाबा धुमा के अनुसार, वह लंबे समय तक चौक मेहता स्थित टकसाल के मुख्यालय ‘गुरुद्वारा गुरदर्शन प्रकाश’ में भी अपनी सेवाएं दे चुके थे। अवतार सिंह बुल्ट की हत्या के बाद उनके परिवार की आर्थिक मदद के लिए सिख समुदाय ने फंड जुटाना शुरू कर दिया है। सिख समुदाय गोफंडमी पोर्टल के जरिए उनके लिए फंड जुटा रहा है ताकि उनके परिवार को आर्थिक मदद मिल सके। फंड जुटाने के लिए सिख समुदाय की ये अपील “हमें यह बताते हुए बहुत दुख हो रहा है कि ट्रेसी गुरुद्वारा साहिब के प्रिय सेवादार, अवतार सिंह बुल्ट, जिनका अपहरण कर लिया गया था, उनकी दुखद मृत्यु हो गई है। एक बेहद चिंताजनक गुमशुदगी के रूप में जो शुरू हुआ था, उसका अंत उनके परिवार और पूरी संगत के लिए एक अकल्पनीय क्षति के रूप में हुआ है।” अवतार सिंह जी ने 20 वर्षों से अधिक समय तक एक समर्पित सेवादार और लांगरी के रूप में गुरुद्वारा साहिब की निष्ठापूर्वक सेवा की। वह अपनी विनम्रता, शांत समर्पण और मिलनसार स्वभाव के लिए जाने जाते थे, जिससे हर कोई उन्हें अपने परिवार जैसा महसूस करता था। उनकी सेवा, ईमानदारी और अटूट विश्वास ने अनगिनत जीवनों को छुआ, और उनकी अनुपस्थिति हमारे समुदाय में एक गहरा शून्य छोड़ गई है। उनके परिवार में उनकी पत्नी और उनके 6 महीने के तीन बच्चे हुए, जो अब एक समर्पित पति और पिता के बिना भविष्य का सामना कर रहे हैं। इस अत्यंत कठिन समय में, हम समुदाय से अपील करते हैं कि वे इस दुखद घड़ी में परिवार को संबल देने के लिए साथ आएं। एकत्र की गई राशि का उपयोग आने वाले महीनों और वर्षों में उनकी पत्नी और बच्चों को स्थिरता प्रदान करने के लिए किया जाएगा। एक अकेली मां के रूप में एक बच्चे का पालन-पोषण करना भी चुनौतीपूर्ण होता है और तीन शिशुओं के साथ, यह जिम्मेदारी बहुत बड़ी है। आपकी उदारता, प्रार्थना और समर्थन इस युवा परिवार के लिए बहुत बड़ा बदलाव ला सकते हैं।


