अंतिम संस्कार के 5 दिन बाद जिला अस्पतला में परिजन बुजुर्ग का शव लेने पहुंचे। शहर के घंटाघर क्षेत्र में 16 फरवरी को एक बुजुर्ग व्यक्ति का शव संदिग्ध अवस्था में पड़ा मिला था। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पहचान के लिए जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की, लेकिन मृतक की पहचान नहीं हो सकी। नियमानुसार कार्रवाई करते हुए 19 फरवरी को पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर अंतिम संस्कार करवा दिया। अंतिम स्ंस्कार के पांच दिन बाद मृतक के भतीजे को मोहल्ले में किसी परिचित से सूचना मिली कि उसके चाचा भोला राम (55) का निधन हो चुका है और उनका शव अस्पताल में रखा गया था। जानकारी मिलते ही वह तुरंत कोतवाली थाने पहुंचा। वहां से उसे अस्पताल चौकी भेजा गया, जहां पता चला कि पहचान नहीं होने के कारण पुलिस पहले ही पोस्टमार्टम कर अंतिम संस्कार करवा चुकी है। भतीजे ने बताया कि भोला राम अविवाहित थे और वर्षों पहले साधु जीवन अपना लिया था। वे कई-कई महीनों तक घर नहीं आते थे और कभी-कभार ही परिवार से मिलने पहुंचते थे। इसी वजह से परिवार को उनकी मौत की जानकारी समय पर नहीं मिल सकी। अस्पताल में कार्यरत एक सफाई कर्मचारी ने उन्हें इस बारे में बताया, जिसके बाद परिवार को घटना का पता चला। अब परिजन पुलिस प्रशासन से अस्थियां सौंपने की गुहार लगा रहे हैं, ताकि वे उन्हें गंगा जी में विसर्जित कर सकें और धार्मिक परंपराओं के अनुसार शांति पाठ व अन्य अंतिम क्रियाएं संपन्न कर सकें।


