धौलपुर में राजेश पायलट किसान संगठन के बैनर तले किसानों ने अपनी फसलों के लाभकारी मूल्य की मांग तेज कर दी है। प्रदेश के किसानों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर केंद्र सरकार से स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के आधार पर C2+50 फॉर्मूले के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को कानूनी गारंटी के साथ लागू करने का आग्रह किया है। पत्र में बताया गया है कि राजस्थान एक कृषि प्रधान राज्य है, जहां बड़ी संख्या में लोग खेती पर निर्भर हैं। प्राकृतिक आपदाओं, बढ़ती कृषि लागत और बाजार में उचित मूल्य न मिलने के कारण किसान आर्थिक संकट और कर्ज के बोझ से जूझ रहे हैं। किसानों के अनुसार, उन्हें अपनी उपज का लाभकारी मूल्य नहीं मिल पा रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। सीएम के नाम सौंपा ज्ञापन
किसानों ने अपने ज्ञापन में कहा है कि स्वामीनाथन आयोग द्वारा सुझाया गया C2+50 फॉर्मूला ही किसानों को उनकी वास्तविक लागत के आधार पर न्यायसंगत मूल्य दिलाने का प्रभावी समाधान है। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2014 में केंद्र में सरकार बनने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने MSP पर कानूनी गारंटी देने का वादा किया था, जिससे किसानों में उम्मीद जगी थी। हालांकि, अब तक सभी फसलों पर MSP लागू नहीं हो पाया है और न ही इसे कानूनी संरक्षण मिला है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि केंद्र और राज्य दोनों जगह एक ही विचारधारा की सरकार होने के बावजूद किसानों को उनका अधिकार नहीं मिल पाया है। MSP के अभाव में किसान खुले बाजार में बिचौलियों के शोषण का शिकार हो रहे हैं और उन्हें अपनी फसलें कम दामों पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। किसानों ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि वे केंद्र सरकार पर प्रभावी सिफारिश और दबाव बनाकर राजस्थान के किसानों के हित में C2+50 फॉर्मूले के तहत MSP को कानूनी गारंटी दिलाने की पहल करें। उनका मानना है कि इस कदम से किसानों की आय में वृद्धि होगी, कर्ज में कमी आएगी और खेती में स्थिरता के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।


