सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान 10वीं या माध्यमिक परीक्षा का एडमिट कार्ड अकेले पहचान के रूप में मान्य नहीं होगा। इसे सिर्फ सहायक (पूरक) दस्तावेज माना जाएगा। एडमिट कार्ड तभी मान्य होगा जब उसके साथ मार्कशीट भी दी जाए। सीनीयर एडवोकेट डीएस नायडू ने सुप्रीम कोर्ट के सामने मामला उठाते हुए पूछा था कि क्या क्लास 8वीं की परीक्षा का एडमिट कार्ड अपने आप में पहचान पत्र रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इस पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने कहा कि क्लास 8वीं की मार्कशीट पहचान सत्यापन के लिए मान्य दस्तावेजों में शामिल है। एडमिट कार्ड सिर्फ उसी की पुष्टि के लिए जोड़ा जा सकता है। एडमिट कार्ड सिर्फ सहायक कागज है, यह अकेले पहचान का आधार नहीं बन सकता। अधूरे दस्तावेज गुरुवार शाम तक जमा करने का निर्देश कोर्ट ने 24 फरवरी 2026 के अपने आदेश का हवाला देते हुए कहा कि जो दस्तावेज अभी तक अपलोड नहीं हुए हैं और 15 फरवरी से पहले मिले थे, उन्हें संबंधित ईआरओ और एईआरओ गुरुवार शाम 5 बजे तक न्यायिक अधिकारियों के सामने पेश करें। पास प्रमाणपत्र के बिना एडमिट कार्ड मान्य नहीं कोर्ट ने कहा कि जन्मतिथि और पिता का नाम साबित करने के लिए मार्कशीट के साथ एडमिट कार्ड दिया जा सकता है। लेकिन एडमिट कार्ड अकेले मान्य नहीं होगा। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील गोपाल शंकरनारायणन ने कहा कि जिन लोगों ने परीक्षा नहीं दी या पास नहीं की, उनके पास भी एडमिट कार्ड हो सकता है। इस पर कोर्ट ने साफ किया कि एडमिट कार्ड तभी मान्य होगा, जब उसके साथ पास प्रमाणपत्र भी हो।


