मां बोली-इंजेक्शन लगाते ही कोमा में गई बेटी, मौत:सर्दी-खांसी की शिकायत पर लाया गया था अस्पताल, कहा-नर्स-डॉक्टर से व्हाट्सऐप पर काउंसलिंग कर रहे थे

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मंगलवार को इलाज के दौरान 13 महीने के बच्ची की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टर और स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया है। साथ ही दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। मामला जिला अस्पताल पुलिस चौकी क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक, संजू केवट परिवार के साथ बरमपुर बस्ती रहता है। सर्दी-खांसी की शिकायत पर 4 दिन पहले वह बेटी वानिया को अस्पताल में लेकर पहुंचा था। बच्ची की मां का कहना है कि एडमिट करने के बाद वानिया को इंजेक्शन लगाया गया और वह कोमा में चली गई। इलाज के दौरान तबीयत बिगड़ने लगी और उसकी मौत हो गई। मौजूद कर्मचारी कैनुला लगा नहीं पा रहे थे। यह भी आरोप है कि स्टाफ नर्स और डॉक्टर से व्हाट्सऐप पर काउंसलिंग कर रहे थे। आज बुधवार को परिजन और स्थानीय लोग अस्पताल के ट्रामा सेंटर गेट के सामने धरने पर बैठ गए। उनकी मांग है कि दोषी स्टाफ पर कार्रवाई की जाए। मौके पर पहुंचे तहसीलदार ने परिजनों को आश्वासन दिया कि मामले में जांच टीम बनाई जाएगी। जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। तहसीलदार के आश्वासन के बाद परिजनों ने धरना प्रदर्शन खत्म किया। देखिए पहले ये तस्वीरें- जानिए क्या है पूरा मामला ? दरअसल, संजू केवट प्राइवेट कंपनी में काम करता है। पिछले कुछ दिनों से बेटी वानिया को सर्दी-खांसी की शिकायत थी। ऐसे में 20 फरवरी उसे इलाज के लिए जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया और एडमिट किया गया। वानिया की नानी अमृता निषाद के मुताबिक, कैनुला लगाने के बाद इंजेक्शन लगाया गया। जिसके तुरंत बाद वानिया कोमा में चली गई। चार दिनों तक चले इलाज के बावजूद बच्ची को बचाया नहीं जा सका और 24 फरवरी की रात 9 बजे उसने दम तोड़ दिया। मेडिकल कॉलेज की छात्रा ने लगाया इंजेक्शन अमृता निषाद का कहना है कि इंजेक्शन मेडिकल कॉलेज की छात्रा ने लगाया था। मौत के बाद मौके पर हंगामा हुआ। हालांकि, बाद में मामला शांत हो गया। बुधवार को परिजन मामले की शिकायत लेकर पहले कलेक्ट्रेट पहुंचे। जहां कलेक्टर ने मामले में जांच का आश्वासन दिया। अस्पताल अधीक्षक को घेरकर कार्रवाई की मांग इसके बाद परिजन अस्पताल के ट्रामा सेंटर गेट के सामने धरने पर बैठ गए। उन्होंने अधीक्षक गोपाल कंवर को घेरकर कार्रवाई की मांग की। हालांकि अधीक्षक लोगों को देखकर अपने केबिन की ओर भाग गए, जिसके बाद गुस्साए लोगों ने गेट पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। पिता ने कहा- फोन के माध्यम से बच्ची का इलाज पिता संजू केवट ने बताया कि सर्दी-खांसी के इलाज के लिए बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इंजेक्शन लगने के बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर उसे आईसीयू में भर्ती करना पड़ा। आरोप है कि स्टाफ नर्स के कहने पर फोन के माध्यम से बच्ची का इलाज कर रहा था। मां बोली- कलेक्टर ने दिया कार्रवाई का आश्वासन बच्ची की मां प्रियंका केवट ने बताया कि कैनुला और इंजेक्शन लगाने के तुरंत बाद वानिया कोमा में चली थी। इस मामले की शिकायत लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे थे, जहां कलेक्टर ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अधीक्षक बोले- बच्ची को निमोनिया था इस पूरे मामले में जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक गोपाल कंवर ने बताया कि बच्ची को निमोनिया था और उसका इलाज किया जा रहा था। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही हुई है, तो उसकी जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

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