बांगड़ कॉलेज में ‘विकसित भारत युवा संसद’:युवाओं को संविधान की गरिमा और नागरिक अधिकारों के महत्व की दी जानकारी

डीडवाना में बांगड़ कॉलेज में भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के निर्देशानुसार ‘विकसित भारत युवा संसद–2026’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य विषय “आपातकाल के 50 साल: भारतीय लोकतंत्र के लिए सबक” था। इसका उद्देश्य युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय रूप से शामिल होने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. मनीषा गोदारा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि युवा संसद विद्यार्थियों को लोकतंत्र की कार्यप्रणाली समझने, तार्किक सोच विकसित करने और अपने विचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का एक सशक्त मंच प्रदान करती है। उन्होंने छात्रों से विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। ‘विकसित भारत’ की अवधारणा पर प्रकाश डाला
युवा संपर्क कार्यक्रम के तहत सेवानिवृत्त भारतीय पुलिस अधिकारी डॉ. अशोक चौधरी ने ‘विकसित भारत’ की अवधारणा पर प्रकाश डाला। उन्होंने राष्ट्र निर्माण में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए अनुशासन, नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व अपनाने का संदेश दिया। राष्ट्रीय सेवा योजना के जिला समन्वयक डॉ. गजेंद्र जांगिड़ ने प्रतियोगिता के नियमों की जानकारी दी। उन्होंने संवाद, तर्क और सहिष्णुता को लोकतंत्र की आधारशिला बताया। छात्रों ने लोकतांत्रिक सबक पर विचार प्रस्तुत किए
प्रतिभागियों ने 25 जून 1975 को लागू आपातकाल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, उसके प्रभावों और उससे मिलने वाले लोकतांत्रिक सबक पर अपने विचार प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने संविधान की गरिमा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों के महत्व पर भी प्रकाश डाला। लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सजग रहने की दी प्रेरणा
निर्णायक मंडल में सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. ज्ञानप्रकाश दायमा, अपर लोक अभियोजक महावीर प्रसाद चतुर्वेदी, महिला एवं बाल विकास विभाग के उपनिदेशक ओमप्रकाश और नरपत सिंह राठौड़ शामिल थे। सभी निर्णायकों ने आपातकाल की परिस्थितियों का विश्लेषण किया और विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सजग रहने, संविधान के प्रति निष्ठावान रहने तथा अपने कर्तव्यों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन करने की प्रेरणा दी। उन्होंने सोशल मीडिया के सकारात्मक और संयमित उपयोग पर भी जोर दिया। गणेश राम रहे पहले स्थान पर
कार्यक्रम के समापन अवसर पर वरिष्ठ संकाय सदस्य डॉ. चेनाराम मुंदलिया ने परिणाम घोषित किए। प्रतियोगिता में गणेश राम ने प्रथम, प्रदीप सिंह ने द्वितीय, रोनक रिणवा ने तृतीय, मीनाक्षी भंसाली ने चतुर्थ तथा देवनारायण सिंह ने पंचम स्थान प्राप्त किया। चयनित प्रतिभागी अब राज्य स्तर पर आयोजित प्रतियोगिता में भाग लेंगे।

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