‘केक-वॉकर’ का केक अनसेफ…जय श्री राम खोवा भी फेल:होली से पहले बिलासपुर में मिठाई-खोवा-पनीर के 9 सैंपल फेल,इसमें रॉयल-स्वीट्स,औरा-होटल और ग्लोरी भी शामिल

सगढ़ के बिलासपुर में होली त्योहार से पहले फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने होटलों और रेस्टोरेंट से खाने की चीजों के सैंपल लिए। 9 संस्थानों के सैंपल्स में गंभीर खामियां पाई गईं। इनमें से 2 जगह के खाद्य पदार्थ पूरी तरह अनसेफ यानी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पाए गए। जिसमें केक वॉकर का केक और खोवा मंडी के जय श्री राम खोवा दुकान का खोवा शामिल हैं। वहीं, 7 जगहों के खाद्य पदार्थ अमानक मिले। इसमें प्रतिष्ठित रॉयल स्वीट्स, औरा होटल व ग्लोरी ढाबा का नाम प्रमुख हैं। इनका सैंपल पिछले साल रक्षाबंधन और दिवाली में लिया गया था, जिसकी रिपोर्ट अभी आई है। राहत की बात यह है कि अधिकांश होटल, रेस्टोरेंट और मिठाई दुकानों के सैंपल गुणवत्ता के मानकों पर खरे उतरे हैं। देखिए तस्वीरें… ‘केक वॉकर’ का केक निकला अनसेफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने रिंग रोड-2 स्थित केक वॉकर से केक का सैंपल लिया था। जिसके जांच में केक का सैंपल अनसेफ पाया गया। यह खाद्य सुरक्षा मानकों पर पूरी तरह खरा नहीं उतरा और इस्तेमाल के योग्य नहीं माना गया। मामला फिलहाल कोर्ट में लंबित है। दोष सिद्ध होने पर संस्थान पर बड़ा आर्थिक दंड और अन्य वैधानिक कार्रवाई हो सकती है। खोवा मंडी में जय श्री राम खोवा भी फेल इसी तरह खोवा मंडी स्थित जय श्री राम खोवा दुकान से लिया गया खोवा का सैंपल भी अनसेफ पाया गया। रिपोर्ट में इसे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताया गया है। इस रिपोर्ट के बाद त्योहारों में सबसे ज्यादा खपत होने वाले खोवा के अनसेफ मिलने से मिठाई कारोबारियों और ग्राहकों में चिंता बढ़ गई है। इन 7 प्रतिष्ठानों के सैंपल अमानक (सब-स्टैंडर्ड) जुर्माने की कार्रवाई के साथ हो सकती है वैधानिक कार्रवाई अफसरों ने बताया कि, विभाग की कार्रवाई के बाद ग्लोरी ढाबा पर कोर्ट से 25 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है। बाकी मामलों में आगे की वैधानिक प्रक्रिया जारी है। जिन संस्थानों के सैंपल में खामियां पाई गई है। उनके खिलाफ भी जुर्माना और वैधानिक की कार्रवाई की जाएगी। जानिए कैसे होती है कार्रवाई ? खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत संदिग्ध खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर रायपुर स्थित लैब में जांच कराई जाती है। रिपोर्ट में यदि कोई खाद्य पदार्थ अनसेफ पाया जाता है, तो उस पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है। जिसमें भारी जुर्माना और लाइसेंस निरस्तीकरण तक शामिल हो सकता है। सब-स्टैंडर्ड मामलों में भी आर्थिक दंड और सुधारात्मक निर्देश दिए जाते हैं। कलकत्ता स्वीट्स से बेसन लड्डू और सेव भुंजिया का लिया सैंपल होली के नजदीक आते ही खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग का अमला फिर से सक्रिय हो गया है। मंगलवार को सरकंडा के अशोक नगर चौक स्थित कलकत्ता स्वीट्स में खाद्य विभाग की टीम पहुंची।वहां से बेसन लड्डू और सेव भुजिया के सैंपल कलेक्ट किए गए हैं। इन सैंपल को जांच के लिए लैब भेजा जा रहा है। जिसकी रिपोर्ट आने के बाद विभाग आगे की कार्रवाई करेगा। DO बोले- कोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा प्रकरण खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के जिला अधिकारी आरआर देवांगन ने बताया कि, सभी मामलों की विवेचना कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। प्रकरणों को आगे की सुनवाई के लिए कोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा। विभाग लगातार जांच और सैंपलिंग की कार्रवाई कर रहा है। उपभोक्ताओं से अपील है कि त्योहारों के दौरान अत्यधिक रंगीन, चमकीले और अस्वाभाविक रूप से आकर्षक दिखने वाले खाद्य पदार्थों से बचें। यदि कहीं मिलावट की आशंका हो तो तत्काल विभाग को सूचना दें। साथ ही खाद्य सामग्री को लंबे समय तक स्टोर कर उपयोग करने से बचें। बजट में लैब की क्षमता बढ़ाने 25 करोड़ का प्रावधान बता दें कि, प्रदेश में एकमात्र सेंट्रल लैब रायपुर में है। यहीं पर पूरे जिलेभर के खाद्य पदार्थों के जांच के लिए सैंपल भेजे जाते हैं। एक लैब में अधिक दबाव पड़ने की वजह से रिर्पोट आने में समय लगता है। इन सारी बातों को ध्यान में रखते हुए 24 फरवरी को बजट में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि, खाद्य पदार्थों, दवाईयों की शुद्धता और गुणवत्ता की जांच क्षमता बढ़ाने के लिए इंटीग्रेटेड खाद्य एवं औषधि परीक्षण लैब के लिए 25 करोड़ का प्रावधान किया जा रहा है। माना जा रहा कि, इसके बाद लैब में दबाव कम होगा और रिपोर्ट जल्दी मिल पाएंगी।

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