नागौर में निजी बस ऑपरेटरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इसका सीधा असर आमजन पर देखने को मिल रहा है। निजी बसों की हड़ताल की वजह से एक तरफ जहां कई रुट ऐसे हैं जहां रोडवेज बसों का संचालन ही नहीं होता उन रूट्स पर आज यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इधर, निजी बसों की हड़ताल के चलते रोडवेज बस स्टैंड पर यात्रियों की काफी भीड़ आ रही है। हालांकि रोडवेज की ओर से बसों की अतिरिक्ति व्यवस्थाा नहीं की गई है। वहीं कुछ ग्रामीण रूट पर स्थानीय प्राइवेट बसें भी चल रही हैं। हड़ताल पर उतरे बस ऑपरेटर्स ने चेतवानी देते हुए कहा कि बुधवार को कुछ मार्गों पर बसों का संचालन किया जा रहा था। लेकिन, कल यानी गुरुवार से सभी बसें बंद रहेगी। 7 हजार से ज्यादा यात्री प्रभावित नागौर जिला मुख्यालय से 250 बसें संचालित होती ह। इनमें प्रतिदिन 7 हजार से ज्यादा यात्री आवागमन करते हैं। जो प्रतिदिन अपने जरुरी कामों से नागौर आना जाना करते हैं। हालांकि निजी बस संचालक ऑपरेटर्स संघ के सचिव लिखमर्म भाम्भू ने बताया कि आज सुबह तक रूट की बसें चल रही थीं। लेकिन गुरुवार से से यह सभी पूरी तरह से बंद रहेगी। जब तक सरकार मांगें नहीं मानती तब तक यह जारी रहेगी।
नागौर से तेहन्देसर, झोरड़ा, कातर, जोधियासी, जोगलसर, संखवास, भेड़, खारी जोधा, पिम्पासर जैसे रूटस पर आज बसें संचालित नहीं हो रही है। जिसकी वजह से इन ग्रामीण क्षेत्रों से आने जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सचिव भाम्भू के अनुसार हड़ताल का व्यापक असर कल से देखने को मिलेगा जब यहां से कोई भी निजी बस संचालित नहीं होगी। 7 मांगों पर कर रहे प्रदर्शन आज नागौर प्राइवेट बस ऑपरेटर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी सात सूत्रीय मांगों से अवगत कराया है। संचालकों का कहना है कि जब तक उनकी जायज मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक चक्का जाम जारी रहेगा।


