करौली के डांग क्षेत्र के 109 विद्युत-विहीन गांवों को अब स्थाई रूप से बिजली मिलेगी। इनमें सपोटरा क्षेत्र के 66 गांव शामिल हैं। इन गांवों को ऑफ-ग्रिड रूफटॉप सोलर योजना के तहत रोशन किया जाएगा, जिसकी प्रक्रिया तेज हो गई है। यह पहल राजस्थान विधानसभा में उठाए गए एक मुद्दे के बाद की गई है। राजस्थान विधानसभा में अनुदान भाग संख्या 54 (ऊर्जा विभाग) पर चर्चा के दौरान सपोटरा विधायक हंसराज मीणा ने विधानसभा क्षेत्र के डांग इलाके में बिजली की समस्या को प्रमुखता से उठाया गया था। सालों से स्थायी विद्युत आपूर्ति न होने के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इस पर ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने सदन में जवाब देते हुए बताया कि सपोटरा के 66 गांवों सहित करौली जिले के कुल 109 गांवों के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार कर लिया गया है। इस योजना के अंतर्गत 9,015 लाभार्थी परिवारों की पहचान भी की जा चुकी है। इन गांवों को विद्युत सुविधा से जोड़ने के लिए ऑफ-ग्रिड रूफटॉप सोलर योजना के तहत एक प्रस्ताव तैयार कर रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशन (आरईसी) को स्वीकृति के लिए भेजा गया है। अनुमोदन प्राप्त होते ही कार्य शुरू कर इन गांवों को चरणबद्ध तरीके से सौर ऊर्जा आधारित बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना के क्रियान्वयन से डांग क्षेत्र के दुर्गम और वनाच्छादित गांवों में स्थायी एवं पर्यावरण-अनुकूल बिजली व्यवस्था सुनिश्चित होने की उम्मीद है। इससे ग्रामीणों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आने की संभावना है।


