अपने बेटे की हत्या करने वाले पिता को कोर्ट ने आजीवन कारावास व अर्थ दंड की सजा सुनाई है। घटना 7 जुलाई 2023 की है। प्रकरण में मुख्य भूमिका अभियुक्त की दो नाबालिग पुत्रियां संध्या एवं श्रेष्ठ की रही। अपर लोक अभियोजक एवं राजकीय अभिभाषक गुलाम नजमी फारूकी ने बताया- प्रकरण में अपर लोक अभियोजक की तरफ से 25 गवाह एवं 26 दस्तावेज प्रस्तुत किए। अपर जिला एवं सत्र न्यायधीश संख्या 4 रितु मीणा ने विजय सिंह को अपने पुत्र की हत्या करने का दोषी माना एवं पुत्री को जान से मारने की कोशिश में भी दोषी माना। उसे हत्या के आरोप में आजीवन कारावास तथा बीस हजार के आर्थिक दंड तथा धारा 307 में 10 वर्ष का कारावास एवं दस हजार जुर्माने की सजा सुलाई। साथ ही पीड़ित को राजस्थान पीड़ित प्रतिकर स्कीम 2011 के तहत प्रतिकार राशि दिलाने की अनुशंसा की है। ये दर्ज कराया था मामला कंवलाई निवासी मृतक हर्षवर्धन (8) के नाना भंवर सिंह ने गंज थाने पर उपस्थित होकर शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में बताया था कि उसका दामाद आकाश उर्फ विजय रावत आए दिन उनकी बेटी से लड़ाई झगड़ा करता। उसने अपने बेटे हर्षवर्धन (8), बेटी हर्षिता (9) और प्रियंका (12) को स्कूल की छुट्टी होने से पहले लेकर आ गया। बाद में उन्हें लेकर घूमता रहा। शाम 4 बजे बाद वह बच्चों को लेकर अपने खेत पर गया। वहां सबसे पहले छोटे बच्चे हर्षवर्धन को कुएं में धकेल दिया। इसी बीच हाथ छुड़ाकर बड़ी बेटी प्रियंका बाग छुटी। दूसरी बेटी हर्षिता को भी कुएं में धक्का दे दिया। इसके बाद पास ही मौजूद ग्रामीण छोटू सिंह ने उसे बच्चे को कुएं में फेंकते हुए देख लिया। वह खुद कुएं में कूद गया। हर्षिता को बाहर निकाल लिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी। सिविल डिफेंस को मौके पर बुलाया गया। इसके बाद 8 वर्षीय हर्षवर्धन को बाहर निकाला। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। यह खबर भी पढ़े…. पिता ने दो बच्चों को कुएं में फेंका:बेटे की मौत, छोटी बेटी को लोगों ने बचाया; बड़ी बेटी हाथ छुड़ाकर भागी पिता ने अपने दो बच्चों को कुएं में फेंक दिया। डूबने से बेटे की मौत हो गई। मौके पर पहुंचे लोगों ने बेटी को बचा लिया। युवक तीसरी बड़ी बेटी को भी कुएं में फेंकना चाहता था, लेकिन वह हाथ छुड़ाकर भाग गई। घटना अजमेर के फायसागर तलाई के पास हाथीखेड़ा गांव की शुक्रवार की है। पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है। ( पढ़े पूरी खबर )


