दौसा की पॉक्सो कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल के कठोर कारावास और 1 लाख 10 हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया है। यह था पूरा घटनाक्रम 12 जुलाई 2023 को पीड़िता ने करौली एसपी को रिपोर्ट पेश की। बताया कि जब वह 6-7 साल की थी, तब दो लोग आए और डरा धमकाकर किडनैप कर ले गए। वहां एक जने ने उसे बताया कि मैं तेरा पति हूं, तुझे मेरे साथ रहना पडेगा। तब उस व्यक्ति की उम्र 40-45 साल थी। जब वह 10 साल की हुई तो एक जने ने उसके साथ जबरन दुष्कर्म व मारपीट की। इसके बाद पीड़िता की तबीयत बिगड़ गई और 20-25 दिन अस्पताल में भर्ती रहना पडा। वह सात महीने की गर्भवती हो गई। डिलीवरी के दौरान बच्चे की मौत हो गई। वह 14-15 साल की थी तो आरोपियों ने उसका गर्भपात करवा दिया और कई बार दुष्कर्म किया। जबकि दूसरे आरोपी ने उसकी बच्ची को गला घोंटकर के मार दिया। इसके बाद वह मुश्किल से अपनी जान बचाकर निकली। 14 गवाह और 33 दस्तावेज पेश किए मामले की जांच कर पुलिस ने एक आरोपी के खिलाफ चार्जशीट पेश की। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए विशिष्ठ लोक अभियोजक जितेन्द्र कुमार सैनी द्वारा 14 गवाह एवं 33 दस्तावेज पेश किए। पॉक्सो कोर्ट की जज रेखा राठौड़ ने साक्ष्य व दस्तावेजों के आधार पर और पीड़िता व आरोपी की उम्र में 40 सालों के अंतर को गंभीर मानते हुए 20 साल का कठोर कारावास और 1 लाख दस हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया।


