REET का एग्जाम देने के लिए UP के प्रयागराज, बनारस, अयोध्या सहित अनेक जगहों से आए अभ्यर्थियों से रात को अलवर जंक्शन का वेटिंग हॉल और बाहर का हिस्सा भर गया। यूपी से अलवर आने वाले अभ्यर्थियों ने कहा कि वहां 2019 से भर्ती नहीं निकली है। मजबूरी में राजस्थान में रीट का एग्जाम देने आए हैं। घर वालों ने किराया भी नहीं दिया। फिर भी बिना टिकट 650 किलोमीटर दूर से आ गए। दूसरे अभ्यर्थी ने कहा कि यूपी में प्राइवेट कॉलेज में लेक्चरर हूं। डॉक्टरेट किया हुआ है। लेकिन नौकरी नहीं मिलने से हताश हैं। यूपी के प्रयागराज से अभ्यर्थी रोहित ने कहा कि वहां भर्ती नहीं आ रही। मजबूरी में राजस्थान आए हैं। ट्रेन का टिकट का पैसा भी नहीं है। बिना टिकट आ गए। घर वाले दूध बेचते हैं। हम सरकार से खफा हैं। वैकेंसी नहीं आ रही है। हम लगातार पढ़ रहे हैं। अब लगता दूध बेचना पड़ेगा। बनारस से आए मोहम्मद इस्लाम ने कहा कि हम परेशान होकर राजस्थान आए हैं। यूपी सरकार मौका नहीं दे रही है। इसलिए बेरोजगार बने हुए हैं। आजमगढ़ से आए राजेश गुप्ता ने कहा कि इंग्लिश से पीएचडी किया हूं। यूपी सरकार समय समय पर वैकेंसी नहीं निकाल रही है। वहां 2019 के बाद भर्ती नहीं आई। केवल फॉर्म भराकर तारीख पर तारीख देते हैं। राजस्थान में सामान्य वर्ग में हमारा चयन हो सकता है। हमें 60 पर्सेंट नंबर लेने होंगे। उसके आधार पर ही हमारा मैरिट मेंचयन हो सकता है। अपने पापा के साथ अयोध्या से आई कशिश वर्मा ने कहा कि 2021 के क्वालिफाई हैं। लेकिन वैकेंसी नहीं आ रही। कोई आप्शन नहीं दिख रहा है। 2020 से बैठे हुए हैं। अभी दूसरी जगह कोशिश नहीं करेंगे तो यूपी के भरोसे कब तक बैठे रहेंगे। कशिश के पापा सूर्य नारायण ने कहा कि मजबूरी में आए हैं। कहीं तो नौकरी लगे। अब यूपी में नहीं मिल रही तो यहां आ गए। आमजगढ़ के प्रदीप कुमार ने कहा कि यूपी में वैकेंसी नहीं है। पुरानी एग्जाम नहीं हो सका है। टीचर की भर्ती नहीं आ रही। इस कारण दूसरे राज्य में आए हैं। हम एजुकेशन भर्ती की तैयारी कर रहे हैं।


