धार जिला अस्पताल में जल्द ही ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट शुरू होने जा रही है। इस यूनिट के शुरू होने से मरीजों को ब्लड से जुड़ी जांचों और आवश्यक घटकों के लिए प्राइवेट अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। यूनिट के लिए केंद्र सरकार से लाइसेंस मिल चुका है और आवश्यक 15 प्रकार की आधुनिक मशीनें अस्पताल में पहुंच चुकी हैं। इनमें डीप फ्रीजर, प्लाज्मा सेपरेशन मशीन और अन्य तकनीकी उपकरण शामिल हैं। कुछ मशीनों का इंस्टॉलेशन पूरा हो चुका है, जबकि बाकी का काम जारी है। हालांकि, अस्पताल में स्टाफ की कमी यूनिट के संचालन में बड़ी चुनौती बनी हुई है। यूनिट को सुचारू रूप से चलाने के लिए 30 कर्मचारियों की जरूरत है, लेकिन फिलहाल केवल 12 कर्मचारी ही उपलब्ध हैं। अस्पताल प्रशासन ने शासन को स्टाफ की भर्ती के लिए पत्र भेजा है। जैसे ही स्टाफ की संख्या बढ़ेगी और उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा, यूनिट का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। कैसे मिलेगी मरीजों को सुविधा?
जिला अस्पताल के पैथोलॉजिस्ट डॉ. अनिल वर्मा ने बताया कि इस यूनिट से ब्लड के घटकों को अलग किया जा सकेगा। उदाहरण के लिए, यदि किसी मरीज को हीमोग्लोबिन बढ़ाने की जरूरत है, तो उसे केवल लाल रक्त कणिकाएं दी जाएंगी, जबकि बाकी अवयव अलग रखे जाएंगे। इस प्रक्रिया से न केवल मरीजों को सही और आवश्यक रक्त घटक मिलेंगे, बल्कि एक यूनिट ब्लड से दो या तीन लोगों का इलाज संभव हो सकेगा। इससे एलर्जी का खतरा भी कम होगा और मरीजों को अधिक सुरक्षित और बेहतर इलाज मिल सकेगा। ब्लड ट्रांसफ्यूजन प्रक्रिया में होगा सुधार
इस यूनिट के शुरू होने से जिले में ब्लड ट्रांसफ्यूजन प्रक्रिया और अधिक सुरक्षित और प्रभावी हो जाएगी। मरीजों को बेहतर इलाज और समय पर रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने में यह यूनिट महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


