राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा (रीट) पहली पारी की परीक्षा दौसा जिला मुख्यालय के 31 केंद्रों पर हो रही है। सुबह 10 से 12:30 बजे तक हो रही परीक्षा में 12 हजार 972 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। इसके लिए गहन जांच पड़ताल के बाद प्रवेश दिया गया। परीक्षार्थियों की मेटल डिटेक्टर से जांच व तलाशी के बाद ही सेंटर में एंट्री दी गई। वहीं महिला अभ्यर्थियों के दुप्पटे, नोज पिन, क्लेचर, जूते आदि उतरवाने के बाद ही प्रवेश दिया गया। सुबह 8 बजे से ही प्रवेश देना शुरू कर दिया गया था, जबकि 9 बजते ही एंट्री पूरी तरह बंद कर दी गई। इसके बाद भी कई परीक्षार्थी दौड़ते हुए केंद्रों पर पहुंचते देखे गए, लेकिन निर्धारित समय पर गेट बंद कर दिए गए। इससे अभ्यर्थी प्रवेश देने के लिए रोते और गिड़गिड़ाते दिखे। साथ ही प्रवेश पत्र की फोटो कॉपी कराने के लिए भी अभ्यर्थी दौड़ भाग करते दिखे। धीमी रही बायोमेट्रिक की स्पीड़ परीक्षा केंद्रों में चार स्तर की सुरक्षा जांच के प्रवेश दिया गया। जहां बायोमेट्रिक सत्यापन की स्पीड़ धीमी होने से लंबी कतार देखने को मिली। कई केंद्रों पर बायोमेट्रिक सॉफ्टवेयर द्वारा डाटा सेव करने में देरी के कारण परीक्षा शुरू होने 10 बजे तक भी कतार देखीं गई। इससे अभ्यर्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दूसरी पारी की परीक्षा 3 बजे से जिले में दूसरी पारी की परीक्षा 47 केंद्रों पर होगी, जिसके लिए 17 हजार 212 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। दूसरी पारी की परीक्षा अपराह्न 3 बजे से शुरू होगी। इसके लिए दोपहर बाद 2 बजे के बाद परीक्षा केन्द्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। ऐसे में दोनों दिन चार पारियों में कुल 47 हजार 391 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। इनमें सिर्फ 1555 अभ्यर्थी ही अलवर, हनुमानगढ़ और झुंझुनू जिलों के हैं। जबकि अन्य सभी अभ्यर्थी दौसा जिले के ही रहने वाले हैं। सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त एसपी सागर राणा के निर्देशन पर पुलिस अलर्ट है। सुरक्षा, केंद्रों पर विशेष निगरानी, साइबर सेल की सक्रियता, सोशल मीडिया द्वारा असामाजिक तत्वों व परीक्षा से संबंधित अफवाह पर नियंत्रण व निगरानी की जा रही है। अधिकारियों को निर्देश हैं कि प्रश्न-पत्रों की सुरक्षा और गोपनीयता सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। ऐसे में केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, मेटल डिटेक्टर एवं बायोमेट्रिक सत्यापन पर फोकस रहा।


