मुरैना जिले के पोरसा तहसील के रायचंद का पुरा गांव में शासकीय भूमि पर श्मशान बनाने का विवाद गहरा गया है। बुजुर्ग दंपती श्यामलाल सिंह तोमर और उनकी पत्नी मुन्नी देवी ने प्रशासन से मांग की है कि श्मशान को उनके घर से दूर बनाया जाए, ताकि वे प्रदूषण और संक्रमण से बच सकें। दरअसल, गांव की 23 बीघा शासकीय भूमि पर प्रशासन ने श्मशान बनाने की अनुमति दी है। लेकिन भाजपा मंडल अध्यक्ष रामवीर सिंह तोमर ने श्यामलाल सिंह तोमर के घर के पास ही श्मशान घाट बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। बुजुर्ग दंपती ने चार साल पहले ही इस मामले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। मामला कोर्ट में विचाराधीन होने के बावजूद प्रशासन ने पुलिस बल की मौजूदगी में जमीन समतल करने और गड्ढे खोदने का काम शुरू कर दिया। परिवार को मिल रही धमकियां
श्यामलाल सिंह का आरोप है कि रामवीर सिंह तोमर और उनके सहयोगी उन्हें घर खाली करने के लिए धमका रहे हैं। 2020 में उनके बेटे आनंद तोमर की आंखों में मिर्ची पाउडर डालकर हमला किया गया और रात में घर के बाहर फायरिंग भी की गई। इसकी शिकायत एसपी मुरैना को दी गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। श्यामलाल ने कहा, “हमारे घर के पास जबरदस्ती श्मशान घाट बनाया जा रहा है। हमारे बेटे पर हमला किया गया, हमें धमकियां मिल रही हैं। प्रशासन हमारी कोई सुनवाई नहीं कर रहा है।”मुन्नी देवी ने कहा, “हर दिन शव जलेंगे तो धुआं और संक्रमण हमारे घर तक पहुंचेगा। हम श्मशान के खिलाफ नहीं हैं, बस इसे थोड़ा दूर बना दें।” मंडल अध्यक्ष बोले- एक व्यक्ति की आपत्ति से फर्क नहीं पड़ता
इधर, रामवीर सिंह तोमर ने कहा, “यह श्मशान चार गांवों के लिए बनाया जा रहा है। पंचायत और ग्रामीण सहमत हैं। किसी एक व्यक्ति को आपत्ति है तो उससे फर्क नहीं पड़ता।” इधर, बुजुर्ग दंपती का कहना है कि जब मामला उच्च न्यायालय में लंबित है, तो प्रशासन ने निर्माण कार्य क्यों शुरू किया?


