मध्यप्रदेश के भिंड और उत्तर प्रदेश के इटावा को जोड़ने के लिए चंबल नदी पर एक आधुनिक केबल-स्टे पुल का निर्माण किया जाएगा। यह पुल मुंबई के बांद्रा-वर्ली सी लिंक की तर्ज पर बनाया जाएगा, जिससे क्षेत्र में यातायात सुगम होगा। इस बहुप्रतीक्षित परियोजना के तहत बुधवार को भूमि पूजन किया गया, जिसमें इटावा विधायक सरिता भदौरिया, भिंड विधायक नरेंद्र कुशवाह और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। बरही-उदी के बीच स्थित मौजूदा पुल 1975 में बनाया गया था, जो अब 49 साल पुराना हो चुका है। लगातार क्षतिग्रस्त होने और बढ़ते यातायात के दबाव के कारण इसकी स्थिति जर्जर हो गई थी, जिससे नए पुल की जरूरत महसूस की जा रही थी। 296 करोड़ की लागत से होगा निर्माण
दो साल पहले केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने चंबल नदी पर नए पुल और यमुना नदी पुल से इसे जोड़ने वाली फोरलेन सड़क के लिए 296 करोड़ रुपये की मंजूरी दी थी। इस परियोजना का कार्य दिल्ली की एएससी इंफ्राटेक लिमिटेड को सौंपा गया है। पुल की प्रमुख विशेषताएं विकास को मिलेगी नई रफ्तार
इस पुल के निर्माण से मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। यह न केवल परिवहन और व्यापार को बढ़ावा देगा, बल्कि पर्यटन और स्थानीय रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगा।


