सरकार ने दिए ट्रोमा-अग्निकांड के जिम्मेदारों पर एक्शन के निर्देश:हॉस्पिटल इंजीनियर को सस्पेंड और पूर्व अधीक्षक-नोडल ऑफिसर को चार्जशीट के आदेश, नर्सिंग ऑफिसर की सेवाएं होंगी समाप्त

जयपुर के सवाई मानसिंह हॉस्पिटल (SMS) के ट्रोमा सेंटर के आईसीयू में आग लगने से 8 मरीजों की मौत हो गई थी। इसके बाद मरीजों को लेकर परिजन भागने लगे थे। यह घटना 5 अक्टूबर 2025 की रात करीब 11:20 बजे ट्रोमा सेंटर के आईसीयू में शॉर्ट सर्किट से हुई थी। मामले में तीन महीने से जांच कमेटी ने रिपोर्ट दबा रखी थी। घटना की जांच के लिए बनाई कमेटी की रिपोर्ट जब मीडिया में उजागर हुई तो सरकार को जिम्मेदारों पर एक्शन याद आया। मेडिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट ने मामले में हॉस्पिटल इंजीनियर को सस्पेंड करने, एसएमएस हॉस्पिटल के पूर्व अधीक्षक और ट्रोमा सेंटर के पूर्व नोडल ऑफिसर को चार्जशीट जारी करने के लिए कहा है। मेडिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट सचिव ने एसएमएस मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल को कार्रवाई के निर्देश​ दिए। इसमें हॉस्पिटल इंजीनियर गोपाल कृष्ण दशोरा को 16सीसीए नोटिस (चार्जशीट) देकर उसे सस्पेंड करने के लिए कहा है। वहीं पूर्व अधीक्षक डॉ. सुशील भाटी, पूर्व नोडल ऑफिसर डॉ. अनुराग धाकड़ को मामले में चार्जशीट देने के लिए कहा है। इन दोनों को ही घटना के बाद अगले दिन पद से हटा दिया गया था। जबकि कॉन्ट्रेक्टर पर लगे नर्सिंग ऑफिसर योगेश कुमार की सेवाएं समाप्त करने का फैसले के लिए कहा गया। इन जिम्मेदारों को अब भी बचाने की कोशिश
वहीं डिपार्टमेंट अब भी तीन जिम्मेदारों को बचाने की कोशिश कर रहा है। इनका जिक्र जांच रिपोर्ट में है। इनको भी इस घटना के लिए जिम्मेदार माना है। इसमें नर्सिंग इंचार्ज दीनदयाल अग्रवाल, नर्सिंग अधीक्षक गंगालाल, नर्सिंग स्टाफ उदयसिंह के अलावा पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर अशोक सिंघल शामिल हैं। मेडिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट में सचिव का चार्ज दूसरे के पास
वर्तमान में मेडिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट का कोई धनी नहीं है। इसके सचिव का अतिरिक्त चार्ज लंबे समय से प्रमुख शासन सचिव मेडिकल डिपार्टमेंट गायत्री राठौड़ को सौंप रखा है। इस कारण डेडिकेटेड जिम्मेदारी नहीं होने के कारण डिपार्टमेंट में कई फाइलें देरी से निस्तारित हो रही हैं। यही कारण है कि इतनी बड़ी घटना की जांच रिपोर्ट आने के बाद भी 3 महीने तक कोई एक्शन नहीं हुआ। …………….. हादसे से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें.. जयपुर के SMS हॉस्पिटल में आग, 8 मरीजों की मौत:ट्रॉमा सेंटर के ICU में देर रात हुआ हादसा, शॉर्ट सर्किट होने का अनुमान जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) हॉस्पिटल के ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू में रविवार देर रात आग लग गई। हादसे में 8 मरीजों की मौत हो गई। इनमें 3 महिलाएं शामिल हैं। रात 11 बजकर 20 मिनट पर यह आग ट्रॉमा सेंटर में न्यूरो आईसीयू वार्ड के स्टोर में लगी। (पूरी खबर पढ़ें) परिजनों का दावा – जलते मरीजों को छोड़कर भागा स्टाफ:20 मिनट पहले ही बताया था आग लगी; किसी का मुंह जला, किसी ने दम घुटने से तोड़ा दम जयपुर के सवाई मानसिंह हॉस्पिटल अग्निकांड में बड़ी लापरवाही के आरोप हैं। पीड़ित परिवारों का दावा है कि- ‘जैसे ही धुआं उठा उन्होंने स्टाफ को बताया, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। करीब 20 मिनट बाद आग से पूरा वार्ड घिर गया। हॉस्पिटल स्टाफ मरीजों की मदद करने के बजाय भाग गया।’ (पूरी खबर पढ़ें) ‘पैरों में कांच चुभ गए, पत्नी को नहीं बचा सका’:SMS अस्पताल में आग के बीच अपनों को बचाने घुसे थे लोग,बोले- कंपाउंडर गेट बंद कर निकला जयपुर के सवाई मानसिंह हॉस्पिटल अग्निकांड में 8 लोगों की मौत हो गई। इनमें भरतपुर के 3 लोग रुकमणि कौर (56), कुषमा देवी (54) और श्रीनाथ (50) भी थे। एक युवक दिगंबर वर्मा सवाई माधोपुर का रहने वाला था। (पूरी खबर पढ़ें) स्वास्थ्यमंत्रीजी! छुपिए मत, मूंछें ही नहीं पूरी प्रतिष्ठा दांव पर:बताइए 8 मौतों का जिम्मेदार कौन? दोषियों को सजा मिलेगी या क्लीन चिट जयपुर के SMS अस्पताल में 8 मौतों के 9 जिम्मेदार:मंत्री-सचिव से लेकर इंजीनियर-ICU इंचार्ज की अनदेखी पड़ी भारी, मरीजों ने जान देकर चुकाई कीमत मरीजों को बेड के साथ ही लेकर भागे परिजन,देखें PHOTOS:सड़क पर पहुंचे; जयपुर के SMS हॉस्पिटल में आग, 8 की मौत परिजनों का दावा – जलते मरीजों को छोड़कर भागा स्टाफ:20 मिनट पहले ही बताया था आग लगी; किसी का मुंह जला, किसी ने दम घुटने से तोड़ा दम

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