भास्कर न्यूज | लुधियाना हंबड़ां रोड स्थित श्री गोविंद गोधाम में श्री सोमनाथ ज्योतिर्लिंग दिव्य दर्शन आयोजन समिति द्वारा आयोजित दो दिवसीय समागम के पहले दिन श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। समागम का शुभारंभ सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के पवित्र अंशों के विशेष महाअभिषेक और विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ हुआ। यजमानों और पुजारियों ने मंत्रोच्चार शुरू किया पूरा परिसर ओम नमः शिवाय के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। सुबह 9 बजे से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं, जो देर शाम तक जारी रहीं। आयोजन समिति ने बताया कि ये अवशेष केवल पत्थर नहीं, बल्कि भारत की अडिग आस्था का प्रतीक हैं। इतिहास के अनुसार 1026 ईस्वी में विदेशी आक्रांता महमूद गजनी के आक्रमण के बाद अग्निहोत्री पुजारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर ज्योतिर्लिंग के इन खंडित अंशों को सहेज लिया था। लगभग 1000 वर्षों तक पीढ़ी-दर-पीढ़ी इन अवशेषों को गुप्त रखा गया और अंततः अंतिम रक्षक सीताराम शास्त्री ने इसे श्री श्री रविशंकर को समर्पित किया। आज वही पवित्र ऊर्जा लुधियाना के भक्तों को आशीर्वाद दे रही है।इस धार्मिक महाकुंभ में श्री गोविंद गोधाम ट्रस्ट के सुंदर दास धमीजा, अशोक धवन और वीडीसी मेंबर सन्नी वालिया विशेष रूप से उपस्थित रहे। समिति ने बताया कि दर्शन का यह सिलसिला आज सुबह 9 बजे से रात 8 बजे तक जारी रहेगा।


