सिटी रिपोर्टर | बोकारो बुधवार को गोपनीय कार्यालय कक्ष में उपायुक्त अजय नाथ झा की अध्यक्षता में जिले के निजी विद्यालयों के प्राचार्यों के साथ अहम समीक्षा बैठक हुई। बैठक में शिक्षा की गुणवत्ता, पारदर्शिता, जवाबदेही और विद्यार्थियों के समग्र विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए। डीसी ने स्पष्ट कहा कि शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, नैतिक मूल्यों और भविष्य निर्माण से जुड़ी है। इसी कड़ी में फीस माफी और आर्थिक रूप से कमजोर अभिभावकों की शिकायतों के समाधान के लिए प्रत्येक निजी विद्यालय में वेलफेयर कमेटी गठित करने का निर्देश दिया गया। कमेटी में प्रबंधन, शिक्षक और अभिभावक प्रतिनिधि शामिल होंगे। जिला स्तर पर उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार की अध्यक्षता में जिला वेलफेयर कमेटी बनेगी, जो विवादित मामलों की सुनवाई कर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करेगी। बैठक में प्रबंधन को शिक्षकों, शिक्षकेत्तर कर्मियों और सफाई कर्मचारियों के साथ गरिमामय व्यवहार सुनिश्चित करने को कहा गया। डीसी ने कहा कि संतुष्ट शिक्षक ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे सकते हैं। कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए नियमित कैरियर काउंसलिंग सत्र आयोजित करने का निर्देश दिया गया। विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों और सफल पूर्व छात्रों को आमंत्रित कर मार्गदर्शन देने की सलाह दी गई। आरटीई नामांकन में पारदर्शिता अनिवार्य राइट टू एजुकेशन के तहत 25% आरक्षित सीटों पर नामांकन पूर्णतः पारदर्शी प्रक्रिया से करने को कहा गया। डीईओ और डीएसई को नियमित निरीक्षण का निर्देश दिया गया। विद्यालयों को शैक्षणिक सत्र शुरू होने से 15 दिन पूर्व पुस्तकों की सूची और यूनिफॉर्म मॉड्यूल वेबसाइट पर अपलोड करना होगा, ताकि अभिभावक अपनी सुविधा से खरीदारी कर सकें। निजी विद्यालयों को प्री-मैट्रिक, पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति व गुरुजी क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाओं के तहत अनिवार्य निबंधन कराने को कहा गया। साथ ही नशा मुक्ति, यौन उत्पीड़न रोकथाम और मेंटल हेल्थ पर नियमित कार्यशालाएं आयोजित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही कोचिंग पर सख्ती बरतने को कहा।


