बिलासपुर | हाई कोर्ट ने शेयर ट्रेडिंग के नाम पर करीब 60 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी की जमानत याचिका को अपराध की गंभीरता देखते हुए खारिज कर दिया है। रायपुर निवासी विकास लाहोटी को अप्रैल 2024 में आसना नामक महिला का वाट्सएप मैसेज मिला था। आरोपी ने उसे नरेश राठी का सहयोगी बताकर शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच दिया और एक ग्रुप में जोड़ दिया। झांसे में आकर विकास ने एक एप डाउनलोड किया और विभिन्न बैंक खातों में कुल 59.23 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। जब उसने पैसे निकालने की कोशिश की, तो आईपीओ अलॉटमेंट के नाम पर और पैसों की मांग की गई, लेकिन उसे न तो मूल रकम मिली और न ही मुनाफा। उसकी शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में खुलासा हुआ कि ठगी की रकम ट्रांसफर करने के लिए आरोपी प्रदीप जैन के एक्सिस बैंक खाते का उपयोग किया गया था। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने थोड़े से पैसों के लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड अन्य व्यक्तियों को सौंप दिया था, जिससे धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम देने में मदद मिली। आरोपी प्रदीप जैन ने हाई कोर्ट में जमानत याचिका लगाई थी। तर्क दिया कि वह 41% दिव्यांग है और वह केवल एक कनफेक्शनरी रिटेलर है, जिसका सीधा संबंध वाट्सएप ग्रुप या निवेशकों को लुभाने से नहीं था।


